रायपुर में केजरीवाल की गिरफ्तारी का विरोध:AAP नेता बोले- काले अंग्रेजों के हुकूमत के खिलाफ लड़ रहे, CM साय ने कहा- जैसी करनी, वैसी भरनी
By Dinesh chourasiya

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का जगह-जगह विरोध किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को रायपुर में भी प्रदर्शन किया। आप नेताओं ने कहा कि, हम काले अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ लड़ रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, “जस करनी तस भरनी, जैसा उन्होंने किया है वैसा उन्हें भरना ही पड़ेगा।
AAP कार्यकर्ताओं ने रायपुर के अंबेड़कर चौक पर केजरीवाल की रिहाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि, बीजेपी के अंदर बौखलाहट है और इंडिया गठबंधन के एक-एक नेता पर अटैक किया जा रहा है।








‘गलत तरीके से लगातार हो रही कार्रवाई’
AAP नेताओं ने कहा कि, हमारे बड़े नेताओं को टारगेट कर जेल भेजा जा रहा है। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले सत्येंद्र जैन, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को गिरफ्तार किया गया। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को भी सदन से अलग कर दिया गया था और उन्हें न्यायालय जाना पड़ा था। अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की गई है।
‘भाजपा नेताओं की क्यों नहीं हो रही गिरफ्तारी’




प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा भाजपा के नेताओं पर केन्द्रीय एजेंसियां क्यों एक्शन नही लेती है। महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी बृज भूषण को बेल मिल जाती है, लेकिन देश के अंदर शिक्षा, चिकित्सा का अच्छा मॉडल पेश करने वाले अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया जाता है।
‘संविधान पर खतरा मंडरा रहा’
आप के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज देश के लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है। संविधान के मूल्य पर खतरा मंडरा रहा है, जिसके विरोध में हम खड़े हुए हैं। देश के हर कोने में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता के साथ वहां कि आम जनता और विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेता लगातार बोल रहे हैं।
संघर्ष जारी रहेगा
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि तानाशाही के खिलाफ हमारे पास सिर्फ एक ही रास्ता है और हम लगातार संघर्ष करेंगे। हमें जेल जाना पड़ेगा तो हम जेल जाने के लिए तैयार हैं। हम अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे।
आजादी का एक दौर था जब गांधी जी, अंबेडकर जी और भगत सिंह जेल गए थे। वे लोग अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ रहे थे। आज हम हम काले अंग्रेजों के हुकूमत के खिलाफ लड़ रहे हैं। वह लड़ाई तब से शुरू हुई थी जो आज तक जारी है और आगे भी जारी रहेगी ।




