
लोकसभा चुनाव से पहले किसानों ने फिर बढ़ाई मोदी सरकार की टेंशन, दिल्ली की सीमा पर हाई अलर्ट, 7 जिलों में इंटरनेट
By Dinesh chourasiya
नई दिल्ली:







एक ओर जहां देश की सभी राजनीतिक दलों के नेता चुनाव की तैयारियों में लगे हुए हैं तो दूसरी ओर किसान संगठन फिर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि संयुक्त किसान मोर्चा सहित किसान संगठन के लोग 13 फरवरी को दिल्ली कूच करने वाले हैं। वहीं, 16 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद का आह्वान किया है। किसान संगठन के इस ऐलान के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गई है और सुरक्षा के लिहाज से गुरुग्राम-दिल्ली,गुरुग्राम-झज्जर और गुरुग्राम-रेवाड़ी बॉर्डर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही 7 जिलों में इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के जिला प्रधान संतोख सिंह ने बताया कि 13 फरवरी मंगलवार को दिल्ली कूच में वह शामिल नहीं होंगे। 16 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान द्वारा किए जा रहे भारत बंद में हिस्सा लेंगे। भारत बंद के दौरान किसान एमएसपी कानून बनाने के साथ-साथ किसानों की पेंशन को लेकर संघर्ष करते रहेंगे। ऐसे में गुरुग्राम पुलिस ने सुरक्षा के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी कर रही है, ताकि कोई गलत पोस्ट से जिले का माहौल खराब नहीं हो।इसके अलावा किसान नेताओं पर भी नजर रखे हुए हैं।





किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर साइबर पुलिस 24 घंटे निगरानी रख रही है, ताकि किसी गलत पोस्ट से माहौल नहीं बिगड़े। पुलिस विभिन्न टूल्स का भी इस्तेमाल कर रही है, ताकि भड़काऊ पोस्ट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
वहीं, हरियाणा सरकार ने 13 फरवरी को किसानों के प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च से पहले शनिवार को सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं और एक साथ कई एसएमएस (संदेश) भेजने पर रोक लगा दी है। भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 11 फरवरी को सुबह 6 बजे से 13 फरवरी को रात 11.30 बजे तक अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, एक साथ कई एसएमएस भेजने और सभी डोंगल सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर शांति भंग होने की आशंका थी।




