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दुर्ग कलेक्टर ने धान उपार्जन केंद्र का लिया जायजा:दुर्ग के अंडा केंद्र में मिली बड़ी लापरवाही, नोडल अधिकारी को शोकॉज नोटिस; समिति प्रबंधक सस्पेंड

By Dinesh chourasiya

धान मंडी में तौल चेक करती हुईं दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी। - Dainik Bhaskar

दुर्ग जिले की कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने l ग्राम पंचायत अंडा और रिसामा में संचालित धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र में समिति प्रबंधक की बड़ी लापरवाही पाई। जिसके बाद उन्होंने वहां की नोडल अधिकारी संगीता जोशी को शोकॉज नोटिस जारी किया है।

कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ग्राम पंचायत अंडा स्थित धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण करने पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समिति प्रबंधक राजकुमार से धान संबंधी जानकारी ली। धान उपार्जन केन्द्र में समिति प्रबंधक के द्वारा लापरवाही बरतने पर नोडल अधिकारी संगीता जोशी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का खाद्य अधिकारी को निर्देश दिया। वहीं समिति प्रबंधक राजकुमार को सस्पेंड किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, अंडा धान उपार्जन केन्द्र में 1,887 पंजीकृत किसान हैं। इनमें से 1,605 किसानों ने अपना धान बेच लिया है। बाकी के किसान भी धान बेचने के लिए प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। अब तक कुल एक लाख 975 क्विंटल धान बेचा गया है। शेष 20 हजार क्विंटल धान बेचने की प्रक्रिया में है।

कलेक्टर के निर्देश के बावजूद समिति प्रबंधक राजकुमार ने लापरवाही बरती, इसलिए उसे निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं नोडल अधिकारी संगीता जोशी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

रिसामा में 2 दिन के अंदर धान उठाने के निर्देश

कलेक्टर रिसामा स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित द्वारा संचालित धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण करने भी पहुंचीं। उन्होंने नोडल अधिकारी से धान संबंधी जानकारी ली। नोडल अधिकारी ने बताया कि वहां कुल 1,016 किसानों में से 960 किसानों ने अपना धान बेच दिया है।

कलेक्टर ने सहायक प्रबंधक को निर्देश दिया कि मिलर्स से समन्वय बनाकर 1 से 2 दिन के भीतर मंडी से धान उठाने का काम पूरा करें। उन्होंने रिसामा धान उपार्जन केन्द्र का काम सही तरीके से होने पर वहां के कर्मचारियों की सराहना भी की।

खाद्य अधिकारियों को सही कार्य करने के निर्देश देतीं कलेक्टर।

मिलरों का स्टॉक चेक करने के निर्देश

कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को निर्देश दिया कि वो मिलरों के स्टॉक की जांच करें। जब तक धान की जांच नहीं होगी, तब तक मिलरों के पास धान नहीं जाएगा। इस काम में लापरवाही बरतने पर उन्होंने नाराजगी जताई और खाद्य विभाग के अधिकारी सीपी दीपांकर और अन्य लोगों को सही तरीके से काम करने के निर्देश दिए।

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