
रायपुर की सड़कों पर लगाए गए ‘टायर किलर’:रॉन्ग साइड से गाड़ी चलाई तो पहियों में घुसेंगे लोहे के कांटे
By Dinesh chourasiya
रायपुर में लोगों का रॉन्ग साइड गाड़ी चलाना महंगा पड़ने वाला है। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने शहर की कुछ सड़कों पर टायर किलर लगवाए हैं। नाम से ही स्पष्ट है टायर्स को ये सिस्टम किल कर देना यानी सीधे खत्म ही कर देगा।
ब्रेकर की तरह नजर आने वाले टायर किलर्स पर अगर गाड़ी आई तो लोहे के कांटे सीधे टायर में घुस जाएंगे और पंक्चर हो जाएगा। ये कांटे इतने बड़े हैं कि फिर पंक्चर बनेगा नहीं, सीधे टायर ही बदलवाना पड़ेगा। शहर में पहली बार इस तरह का प्रयोग किया जा रहा है।







इन जगहों पर लगाए गए
रिंग रोड नंबर 1 पर रेस्टोरेंट काके दी हट्टी के पास, एक्सप्रेस वे पर फाफाडीह वन वे अप साइड पर और गौरवपथ मल्टी लेवल पार्किंग के पास टायर किलर लगाए गए हैं। शुक्रवार काे जब नगर निगम की टीम इसे लगा रही थी लोग हैरानी से देख रहे थे।
अफसरों का कहना है कि इन जगहों से ज्यादातर लोग रॉन्ग साइड से गाड़ी निकालते हैं। इसके चलते हादसे का खतरा बना रहता है। रॉन्ग साइड ड्राइविंग बंद करवाने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के उद्देश्य से टायर किलर लगाया जा रहा है।
अफसरों ने बताया कि, इसके बारे में सूचना देने के लिए कुछ दूर पहले ही बोर्ड लगाया जाएगा। जिस पर लिखा होगा कि, रॉन्ग साइड न चलें, आगे टायर किलर है।




जल्द ही पूरे शहर में होगी व्यवस्था लागू
यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तहत नगर पालिका निगम और यातायात पुलिस विभाग की देखरेख में रायपुर के कुछ हिस्सों में लागू की गई है। शहर की सड़कों पर चलने वालों में अनुशासन लाने की कोशिश है। अफसरों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद सभी वन वे रोड पर इसी तरह से टायर किलर लगेंगे।
इनके तो चारों टायर फट गए
शुक्रवार को जब टायर किलर लगाए जा रहे थे, एक कार चालक ने बड़ी लापरवाही कर दी। रॉन्ग साइड से कार को इन टायर किलर्स पर चढ़ा दिया। नतीजा ये हुआ कि कार के चारों टायर फट गए। गाड़ी का जो हाल हुआ उसे उतरकर चालक ने देखा तो हैरान रह गया। कुछ देर बाद टोइंग व्हीकल बुलवाकर कार को हटवाया गया।
दिल्ली से मंगवाया गए
शहर में रॉंग साइड मूवमेंट पर नकेल कसने ये टायर किलर दिल्ली से मंगवाए गए हैं। करीब 13 लाख 50 हजार का टेंडर इसे लेकर किया गया था। कुछ महीने पहले भी इन्हें लगाया गया था मगर बाद में तकनीकी कारणों से निकाल दिया गया था। इस बार इन्हें हमेशा के लिए इन्स्टॉल किया गया है।
महानगरों और बड़े शहरों में बेहतर रिजल्ट
देश के सभी महानगरों के अलावा बड़े शहरों में टायर किलर्स ब्रेकर लगाए गए हैं। इसके बेहतर रिजल्ट सामने आए हैं। रांग साइड चलने वाले वाहन चालकों में लगातार कमी आई है। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, देहरादून के साथ कई शहरों में यह लगाया गया है।
क्या है टायर किलर?
टायर किलर स्पीड ब्रेकर जैसा होता है। यानी जो गाड़ी सही डायरेक्शन में इसे क्रॉस करेगा उसके टायर पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि कांटेदार स्प्रिंग के जुड़े होते हैं। पीछे से आने पर टायर का प्रेशर लगते ही ये कांटे सड़क के भीतर चले जाते हैं बिना किसी परेशानी के गाड़ी आगे बढ़ जाती है। मगर कांटों के सामने से कोई गाड़ी आए यानी की रॉन्ग साइड से तो ये टायर को फाड़कर रख देते हैं।




