भिलाई में बरगद से निकल रहा पानी लोग बर्तनों में भरकर ले जा रहे घर, बोले- चमत्कार; रेलवे ने दिए काटने के आदेश
By Dinesh chourasiya
दरअसल, मरोदा रेलवे स्टेशन पर बरगद का काफी पुराना पेड़ है। यह पेड़ निर्माणाधीन नई रेलवे लाइन की जद में आ रहा है। इसके चलते रेलवे ने पेड़ काटने से पहले उसकी डालों की छंटाई की गई। पेड़ की डाल को काटने के बाद उसमें पानी निकलने लगा।

लोगों ने पानी को गिलास, लोटा और बर्तनों में भरकर रखा







स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगलवार को डाल काटने पर अधिक पानी निकल रहा था। गुरुवार को यह पानी कम हो गया है। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो पेड़ की डाल से बूंद-बूंद कर पानी निकल रहा था। लोग पानी को गिलास और अन्य बर्तन में भर रहे थे।
पानी को लेकर लोगों में अंधविश्वास
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ को काटने पर जो पानी निकल रहा उसे भगवान के प्रसाद के रूप में घर ले गए हैं। उनका कहना है कि इसे छिड़कने से सभी रोग और दोष मिट जाएंगे।




पेड़ को नहीं काटने करेंगे मांग
जिस पट वृक्ष को काटा गया है, उसके नीचे भगवान भोलेनाथ का छोटा से मंदिर बना है। लोगों का कहना है कि ये महादेव की कृपा है। रेलवे के अधिकारियों से मांग करेंगे कि इस पेड़ को ना काटा जाए।
टिशू की खराबी के चलते पेड़ से निकलता है पानी
जब इस बारे में जानकारी जुटाई गई, तो पता चला कि सभी पेड़ों पर दो प्रकार के टिशू होते हैं। एक फलोइम, जो कि पेड़ के सभी भागों में संतुलित भोजन पहुंचाता है। दूसरे टिशू को जाइलम कहते हैं। जाइलम पेड़ की जड़ों में से पानी को बाकी हिस्से में पहुंचाता है। अगर जाइलम टिशू में कोई खराबी हो जाती है, तो यह टिशू धरती में से अधिक मात्रा में पानी खींचने लग जाता है।
इससे उस पेड़ के तने के फटने से कोई गड्ढा सा बन जाता है, जहां से यह पानी निकलने लगता है। कोई ऐसे पेड़ को काटता है, तो वहां से पानी निकलता है। लोग इसे चमत्कार समझने लगते हैं। इंटरनेट में इस पानी को न पीने की भी सलाह दी गई है। यह मानव शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।




