छत्तीसगढ़

दुर्ग जिले के दो शिक्षकों को राज्यपाल सम्मानित करेंगे:शारदा ने कोरोनाकाल में कार्टून के जरिए बच्चों को पढ़ाया, यशवंत नवोदय के लिए तैयार कर रहे

By Dinesh chourasiya

जिले के दो शिक्षकों की मेहनत रंग लाई है। उन्हें 5 सितंबर को राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के हाथों राज्य शिक्षक पुरस्कार वर्ष-2022 दिया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनित खेदामारा मिडिल स्कूल की के. शारदा ने बच्चों को कार्टून और विजुअल रियालिटी सिस्टम से बच्चों को गणित जैसा कठिन विषय पढ़ाकर पुरस्कार पाया तो चीचा स्कूल के हेडमास्टर (अब डोड़की) यशवंत पटेल 12 साल से बच्चों को नि:शुल्क जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए बच्चों को तैयार कर रहे हैं। अभी तक उनकी मेहनत से 63 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालयों में हो चुका है।

गणित को सरल बनाया, 270 में से 200 वीडियो राज्य सरकार ने स्वीकृत किए, सोशल मीडिया के जरिए भी बच्चों को पढ़ा रही हैं

खेदामारा मिडिल स्कूल में गणित की शिक्षिका के. शारदा ने शिक्षा में तकनीक का उपयोग किया। विषयवस्तु को सरल बनाया ताकि बच्चों की उसमें रुचि जागे। यू-ट्यूब में चैनल बनाकर गतिविधि आधारित 270 विडियो बनाकर अपलोड किया। इसमें 200 विडियो को शिक्षा विभाग ने अनुमोदित किया। कार्टून और विडियो में कहानी बनाकर गणित के कठिन सवालों को हल करना सिखाया। फोर्ट कास्टिंग को शिक्षण पद्धति से जोड़ा। आर्गुमेंटेड रियालिटी तकनीक का उपयोग किया। ड्रॉप आउट को रोकने का प्रयास किया। शासन की योजना बूल्टू के बोल के जरिए अभिभावकों को जोड़ा। जिले की एकमात्र ऐसी शिक्षिका हैं, जो प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी (पीएलसी) की राज्य, जिला और विकासखंड स्तर की सदस्य हैं। हल्बी में भी पुस्तिका बनाई है, जिसका उपयोग किया जा रहा है। खिलौना पुस्तिका भी बनाई है, ताकि बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जा सके। वह 80 फीसदी दिव्यांग है।

12 साल में चीचा स्कूल के 63 बच्चों का नवोदय में हुआ चयन, स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ी, इसलिए सम्मान के लिए नाम तय

प्राथमिक शाला चीचा (अब डोड़की) के प्रधान पाठक यशवंत पटेल वर्ष 2011 से ग्रामीण बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय की तैयारी करा रहे हैं। जिले में इसकी 80 सीटें हैं। उनके प्रयास से 12 साल में चीचा स्कूल के 83 बच्चों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ है। इसके अलावा जवाहर उत्कर्ष योजना के लिए 3 विद्यार्थियों और सैनिक स्कूल अंबिकापुर के लिए भी एक विद्यार्थी का चयन हुआ है। वह हर दिन स्कूल लगने के एक घंटे पहले और स्कूल छूटने के एक घंटे बाद बच्चों की अलग से कक्षाएं लगाते हैं। इसके लिए 5वीं के विद्यार्थियों का चयन करते हैं। सत्र की शुरुआत से ही अनसॉल्व्ड पेपर्स और अन्य चीजों से बच्चों को तैयारी कराते हैं। स्कूल में बच्चों की दर्ज संख्या बढ़ाने में भी लगे हैं। पहले जहां 60 बच्चे पढ़ा करते थे, अभी वहां बच्चों की संख्या पढ़कर 109 हो गई है।

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