
भिलाई में बीजेपी ने किया जामुल थाना घेराव, पुलिस से झड़प:कांग्रेस नेता पर उद्योगपति से मारपीट और लूट का आरोप,
By Dinesh chourasiya

भिलाई में गुरुवार को बीजेपी ने जमकर हंगामा किया। बीजेपी कार्यकर्ता मारपीट के आरोपी कांग्रेस नेता पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज थे। इसे लेकर उन्होंने जामुल थाने का घेराव किया और पुतला दहन की भी कोशिश की। इस दौरान पुलिस से झूमा-झटकी भी हुई।
बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, कांग्रेस नेता रोहण अग्रवाल ने उद्योगपति ज्योतिकांत अग्रवाल से मारपीट कर लूट की है। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बीजेपी ने आरोपी के कांग्रेस नेता होने के कारण पक्षपात का भी आरोप लगाया।







कैलाश नगर हाउसिंग बोर्ड वार्ड के पार्षद नोहर वर्मा ने बताया कि कांग्रेसी नेता रोहण अग्रवाल ने बीती देर रात आम्रपाली अपार्टमेंट में रह रहे उद्योगपति ज्योतिकांत अग्रवाल से मारपीट कर लूट की है। उसने उन्हें कॉलोनी के अंदर बेरहमी से मारा और उनकी सोने की चेन छीन ली। इसके बाद भाजपा के नेता रात में आम्रपाली वनांचल सिटी पहुंचे थे। उनका कहना है कि जब शिकायत जामुल थाने में की तो पुलिस ने रोहण अग्रवाल के खिलाफ मारपीट की साधारण धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन लोगों ने चेन लूटने की शिकायत की, लेकिन पुलिस ने उस धारा के तहत केस दर्ज नहीं किया। इसके विरोध में गुरुवार दोपहर भाजपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश बिचपुरिया, पार्षद पीयुष मिश्रा, नोहर वर्मा, भाजयुमो अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में भाजपाई जामुल थाने पहुंच गए। उन्होंने थाने का घेराव कर वहीं धरना देना शुरू कर दिया।
आरोपी थाने पहुंचा तो होने लगा हंगामा
जब भाजपाई थाने के सामने अपनी मांग को लेकर धरना दे रहे थे, उसी दौरान रोहण अग्रवाल जामुल थाने अपने साथियों के साथ पहुंचा। टीआई से कुछ बात की और फिर वहां से चला गया। ये देख भाजपाई आक्रोशित हो गए। उन्होंने थाने के सामने ही पुतला जलाने की कोशिश की। इसे देखते ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो जमकर झड़प भी हुई। बाद में छावनी, भिलाई 3 और सुपेला थाने की पुलिस को बुलाया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ।




लूट के मामले की पुलिस कर रही जांच
जामुल पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष ने लूट के मामले की शिकायत की है। पुलिस उसकी जांच कर रही है। जांच के बाद यदि लूट होना साबित होता है तो उसके बाद आगे की धारा एफआईआर में जोड़ी जाएगी। इस तरह किसी के आरोप लगा देने से गंभीर धारा के तहत केस नहीं दर्ज किया जा सकता। वहीं भाजपा पार्षद पीयुष मिश्रा ने पुलिस पर विधायक के इशारे में काम करने का आरोप लगाया है।







