
बेहतर इलाज मिलेगा:बीएसपी ने सेक्टर 1 हॉस्पिटल को आउटसोर्सिंग में देने की तैयारी शुरू की, आगे प्राइवेट संस्था करेगी संचालन
By Dinesh chourasiya
- बेहतर इलाज मिलेगा:बीएसपी ने सेक्टर 1 हॉस्पिटल को आउटसोर्सिंग में देने की तैयारी शुरू की, आगे प्राइवेट संस्था करेगी संचालन

बीएसपी का सेक्टर 1 अस्पताल अब निजी हॉस्पिटल होने जा रहा है। प्रबंधन ने इसे आउट सोर्स पर देने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रबंधन के इस कदम से न केवल बीएसपी कर्मी और उनके परिजन को बल्कि गैर बीएसपी लोगों को भी राहत मिल जाएगी। जिन्हें फिलहाल बेहतर इलाज के लिए सेक्टर 9 अस्पताल में लंबा इंतजार करना पड़ता है।
टाउनशिप में सेक्टर 9 अस्पताल के बाद बीएसपी का सेक्टर 1 दूसरा महत्वपूर्ण स्वास्थ केंद्र है। यहां खुर्सीपार और कैंप एरिया से लेकर सेक्टर 4 तक के लोग इलाज करने आते रहे हैं। एक समय सेक्टर 1 अस्पताल में तीनों शिफ्ट में केजुअल्टी शुरू रहती थी। स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक सेवाएं देते थे।







जिसके कारण इमर्जेंसी केसेज में भी मरीज का अस्पताल में इलाज संभव था। वार्ड में मरीजों को भर्ती किए जाने की भी सुविधा उपलब्ध थी। इतना ही नहीं अस्पताल में कैंसर यूनिट था। जहां कीमो थेरेपी और रेडिएशन दिए जाने के बाद मरीजों को भर्ती किए जाने की भी सुविधा थी।
लेकिन जैसे-जैसे चिकित्सकों व अन्य स्टाफ रिटायर होते गए, अस्पताल की सुविधाओं में भी कटौती शुरू हो गई। अब जनरल शिफ्ट में ही अस्पताल खुला रहता है। शाम पांच बजते ही ताला लग जाता है। जनरल शिफ्ट के लिए केवल दो नियमित चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
जनरल शिफ्ट के दौरान इमर्जेंसी केस आने पर सेक्टर 9 अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है। इस्पात श्रमिक मंच के महासचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि सेक्टर 1 अस्पताल में स्वास्थ सुविधा बढ़ाए जाने की मांग की गई थी। इसे देखते हुए प्रबंधन अस्पताल को आउट सोर्स पर दिए जाने पर विचार कर रहा है। सेक्टर 1 अस्पताल में इलाज की ज्यादातर सुविधाएं बंद होने के बाद सेक्टर 9 अस्पताल में मरीजों का दबाव काफी बढ़ गया है।




प्रबंधन ने फिलहाल दो चिकित्सक आउट सोर्स पर दे रखे
वर्तमान में सेक्टर 9 अस्पताल न्यूरो और हार्ट का एक्सपर्ट चिकित्सक नही है। इस कमी को दूर करने के लिए प्रबंधन ने रायपुर के निजी अस्पताल से न्यूरो और हार्ट के विशेषज्ञ चिकित्सकों को आउट सोर्स पर लिया है जो कि सप्ताह में निर्धारित दिनों में रायपुर से सेक्टर 9 अस्पताल आकर अपनी सेवाएं दे रहे है। हालांकि वे भी निर्धारित संख्या में ही मरीजों का इलाज करते हैं।
हॉस्पिटल में आधे से भी कम रहे गए चिकित्सक
8-10 पहले तक बीएसपी के प्रमुख अस्पताल सेक्टर 9 में ही 240 चिकित्सक कार्यरत थे। जैसे-जैसे चिकित्सक रिटायर होते गए अस्पताल में उनकी संख्या घटने लगी। वर्तमान में सेक्टर 9 अस्पताल में केवल 123 चिकित्सक कार्यरत हैं। उनमें से भी ज्यादातर 2025-26 तक रिटायर हो जाएंगे।
8 हेल्थ सेंटर हो चुके हैं बंद सेक्टर-9 पहुंच रहे मरीज
एक समय बीएसपी प्रबंधन द्वारा सेक्टर 9 और सेक्टर 1 अस्पताल के अलावा हेल्थ सेंटर का भी संचालन करता था। ताकि कर्मियों और उनके परिजन को इलाज के लिए लंबी दूरी तय न करना पड़े। इसके लिए प्रत्येक दो-तीन सेक्टर के बीच हेल्थ सेंटर संचालित कर रहा था। चिकित्सकों की कमी के बाद 8 हेल्थ सेंटर बंद किए जा चुके हैं। इनमें सेक्टर 3, 5, 6, 9, 32 बंगला के पास, रूआबांधा, रूआबांधा, खुर्सीपार और कैंप के हॉस्पिटल शामिल हैं।
आउट सोर्स पर देने से इलाज में होगा फायदा
सेक्टर 1 अस्पताल में इलाज से संबंधित ज्यादातर उपकरण उपलब्ध हैं। चिकित्सक नहीं होने से उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा। आउट सोर्स पर दिए जाने से अस्पताल में स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक न केवल इलाज के लिए उपलब्ध होंगे बल्कि बंद पड़े उपकरणों का दोबारा इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। साथ ही निजी अस्पतालों में रेफर सिस्टम पर भी अंकुश लगेगा। जिसके कारण प्रबंधन का बजट खर्च हो रहा है।







