
खुलासा: तांत्रिक के कहने पर बेटे ने जीजा और रिश्तेदारों के साथ मिलकर की थी माता-पिता की हत्या
रायगढ़: सरिया थाना क्षेत्र के ग्राम नदीगांव में सूरजगढ़ महानदी पुल के निचे मिले पति-पत्नी की लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। दंपति की हत्या उसी के नाबालिग बेटे ने अपने जीजा और रिश्तेदारों के साथ मिलकर की थी। आरोपी बेटे ने तांत्रिक के कहने पर अपने माता पिता को मौत के घाट उतार दिया था और शव को पुल के निचे नदी में फ़ेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने मृतक के बेटे सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने सोमवार दोपहर को पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी। मीणा ने बताया कि शव मिलने के बाद उनकी पहचान और आरोपितों की पतासाजी के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। थाना प्रभारी सरिया ने मृतकों की शिनाख्त के लिए इंटरनेट मीडिया तथा मित्रों के ह्वाट्सएप ग्रुप में फोटोग्राफ्स शेयर की। साथ ही सरिया पुलिस की टीम रायगढ़ तथा ओडिशा के ज्यादातर सार्वजनिक स्थानों में मृतकों के फोटो चस्पा कर जानकारी ली।







थाना प्रभारी सरिया को मृतकों के महेशपुर बागबाहर के सुकरू यादव (40) मनमती यादव (35) के होने की जानकारी मिली । थाना प्रभारी ने अपने टीम के साथ महेशपुर पहुंचकर गोपनीय तरीके से जानकारी ली। यहां पता चला कि विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल आठ लोगों के द्वारा जादू-टोना के संदेह में 30 जुलाई की रात घटना को अंजाम दिया। इस पर एक-एक कर पुलिस टीम द्वारा दबिश देकर लैलूंगा, जशपुर के विभिन्न क्षेत्रों से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया । घटना में शामिल एक आरोपित दशरथ यादव फरार हो गया। पुलिस टीम द्वारा तांत्रिक को भी मामले का आरोपित बनाया गया है जिसकी भी पतासाजी की जा रही है।
ऐसे हुआ पर्दाफाश
विधि से संघर्षरत बालक बताया ने कि दो भाई और एक बहन है, इसके मातान्पिता अलग रायगढ़ भगवानपुर में रहकर माली का काम करते थे। वे लोग जो भी कमाते दोनों भाइयों को कुछ नहीं देते। यह लोग अपने गांव की खेती कर जीवन यापन कर रहे थे । बड़े भैया कुछ माह से मानसिक रूप से कमजोर हो गया था। जिसे सतगुरु आश्रम ग्राम झीमकी चौकी कोतबा के तांत्रिक क्षेत्र मोहन यादव के पास ले जाकर झाड़-फूंक कर आए तो तांत्रिक छत्रमोहन यादव बोला कि तुम्हारे भैया को तुम्हारे माता-पिता मिलकर जादू-टोना कर पागल कर दिए हैं। तुम लोग उन्हें जान से मार दोगे तो तुम्हारा भाई ठीक हो जाएगा और तुम आर्थिक रूप से भी संपन्ना हो जाओगे तब यह अकेले इस काम को कर पाने में असक्षम होने के कारण अपने जीजा नरसिंह यादव और चचेरे भाई राजू राम यादव, भोले शंकर यादव, शंकर यादव, खगेश्वर यादव, ईश्वरी यादव और दशरथ यादव के साथ मिलकर सुकरू राम यादव और मनवती यादव की हत्या की योजना बनाई।
योजना के तहत हत्या कर शव को महानदी में फेंकना तय किया। 30 जुलाई को एक चार पहिया वाहन किराए में लेकर रायगढ़ आये। जीजा नरसिंह यादव वाहन क्रमांक सीजी 14 एमबी 3288 को चला रहा था। घटना को अंजाम देने के लिए साथ में रस्सी, गमछा और प्लास्टिक का सिंका लेकर आए थे । माता-पिता के मकान में पहुंचकर उन्हें कहा कि खुलेश्वर की तबीयत बहुत खराब है । इसके बाद उल्हें वाहन में बैठकरी सूरजगढ़ महानदी पुल के दूसरी ओर सरिया भटली रोड तक ले गए । गाड़ी एकांत में ले गए । यहां खगेश्वर यादव ने महिला और शंकर यादव ने पुरुष का हाथ पकड़ कर मुंह को दबा दिया। विधि से संघर्षरत बालक और दशरथ यादव ने गमछा को दो टुकड़ों में फाड़ कर उनका गले में लपेटकर उसकी हत्या कर दी । शव को छिपाने के उद्देश्य से रोड किनारे पड़ो सीमेंट खम्मा के टुकड़े को प्लास्टिक के सिंका से महिला और पुरुष के गले में बांधकर महानदी पुल के ऊपर फेंक दिया। इसके बाद वाहन से अपने-अपने घर चले गए । पुलिस टीम द्वाराआरोपियों से पांच मोबाइल, चारपहिया वाहन तथा घटनास्थल से दो नग पत्थर, दो सिंका, टावेल के तुकड़े, रस्सी जब्त की है।









