
द केरला स्टोरी” को सेंसर बोर्ड से पास करने के खिलाफ याचिकाएं–कोर्ट ने कहा.. सुनवाई से पहले, हम देखेंगे फिल्म
By Dinesh chourasiya







कोर्ट ने कहा है कि जहां 32 हजार महिलाओं के इस्लाम कुबूलने वाली बात है वहां डिस्क्लेमर लगाया जाए। कोर्ट का कहना है कि अगर जनता की असहिष्णुता को अहमियत देंगे तो हर फिल्म को बैन करना पड़ जाएगा। कोर्ट ने कहा है कि बजाय फिल्म पर बैन लगाने के आपको राज्य की कानून व्यवस्था पर काम करना चाहिए।
द केरल स्टोरी के मेकर्स ने पश्चिम बंगाल की सरकार के साथ तमिलनाडु सरकार के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट गए थे। जहां पश्चिम बंगाल सरकार ने यह कहकर बैन लगाया था कि फिल्म में हेट स्पीच है वहीं तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने फिल्म पर कोई बैन नहीं लगाया था।
बल्कि फिल्म को देखने दर्शक नहीं पहुंच रहे थे जिसके बाद थियेटर्स ने खुद फिल्म को हटा दिया था। तमिलनाडु सरकार ने कहा कि 19 मल्टीप्लेक्स में फिल्म रिलीज हुई थी और मेकर्स के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जिसमें सरकार की तरफ से फिल्म की स्क्रीनिंग बंद कराने का आदेश दिया गया हो












