भिलाई के कल्याण कॉलेज में प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में एनएसयूआई कांग्रेस नेता को दुर्ग पुलिस ने नागपुर एयरपोर्ट से दबोचा भाग रहा था दिल्ली,
By Dinesh chourasiya

भिलाई नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याण कॉलेज में शासकीय कार्य में बाधा डालने, उत्पात मचाने और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी एनएसयूआई प्रदेश सचिव और भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया को महाराष्ट्र के नागपुर एयरपोर्ट के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दिल्ली भागने के फिराक में था। एनएसयूआई नेता ने कॉलेज परिसर में घुसकर प्राचार्य के साथ दुर्व्यवहार करने और शासकीय दस्तावेजों को खराब किया था।

पुलिस के अनुसार 9 दिसंबर की दोपहर कल्याण कॉलेज में परीक्षा फॉर्म के परीक्षण और हस्ताक्षर का शासकीय कार्य चल रहा था। इसी दौरान आकाश कनौजिया, दीपक पाल, आनंद यदु, पूर्व मानसेवी सहायक प्राध्यापक नितेश गुप्ता, आशीष कालो, भौमित पटेल और अंशुल शर्मा सहित कुछ युवक अनाधिकृत रूप से कॉलेज परिसर में घुस आए।







जबरदस्ती घुसे थे प्राचार्य के केबिन, परीक्षा फॉर्म को किया था खराब सभी आरोपी गाली-गलौज करते हुए सीधे प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा के कक्ष में पहुंच गए। आरोप है कि आरोपियों ने प्राचार्य के कक्ष में रखे शासकीय दस्तावेजों को टेबल से उठाकर फेंक दिया, जिससे न केवल शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई, बल्कि शासकीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस दौरान प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।
प्राचार्य की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला मामले की शिकायत मिलने के बाद भिलाई नगर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2), 221, 296 और 324(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि घटना के बाद से आकाश कनौजिया फरार चल रहा था। उसे महाराष्ट्र में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस अपराध में मुख्य आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और शासकीय अधिकारियों से दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








