
माफिया के सफाये में टीम लगी रहेगी एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कैसे मारा गया अतीक का बेटा असद
By Dinesh chourasiya

एडीजी ने बताया कि 24 फरवरी को प्रयागराज में राजू पाल ह्तयाकांड में गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। इसमें उमेश पाल की सुरक्षा में लगे दो जवान भी मारे गए थे। उस समय से ही यूपी पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया था। इसमें पांच लोगों की पहचान हुई थी। इसके बाद इन पर पांच-पांच लाख के इनाम घोषित हुआ था।







इनमें अरबाज, अरमान, असद, गुड्डू और साबिर शामिल थे। लगातार एसटीएफ और सिविल पुलिस की टीमें इमानियों को पकड़ने में लगी थीं। वारंट बी लेकर साबरमती से अतीक और बरेली से अरशद को भी लाया गया था। इंटेलिजेंस के इनपुट से पता चला कि रास्ते में अपराधियों को छुड़ाया जा सकता है। इसे देखते हुए विशेष टीमें इनकी सुरक्षा में लगाई गई थीं।
इसी दौरान पुलिस को पता चला कि झांसी इलाके में बदमाशों ने ठिकाना बनाया हुआ है। एसटीएफ की टीमों और पुलिस ने यहां पर घेरेबंदी की। आज दिन में साढ़े 12 से एक बजे के बीच सूचना के बाद कुछ लोगों को घेरा गया तो दोनों ओर से गोलियां चलीं। इस एनकाउंटर में हमारी एसटीएफ की टीम की गोली से दो बदमाश घायल हो गए। बाद में दोनों की मौत हो गई। दोनों की पहचान असद और गुलाम के रूप में हुई। दोनों को लोगों ने उमेश पाल हत्याकांड में गोलियां चलाते लोगों ने देखा था।
बताया कि पूरे आपरेशन को एसटीएफ ने किया है। मारे गए बदमाशों के पास से अथ्याधुनिक विदेशी असलहे बरामद हुए हैं। इसमें बुलडॉग रिवाल्वर भी शामिल है। हमारी टीम का नेतृत्व डिप्टी एसपी विमल कुमार कर रहे थे। आगे भी माफिया के सफाये में हमारी टीम लगी रहेगी।












