
घर खरीदने से मना किया, तो पत्नी को जिंदा जलाया: पहले बेटी की शादी करना चाहती थी मां, अब पति को उम्रकैद की सजा
शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर (Shajapur) जिले में पत्नी को मिट्टी तेल डालकर जिंदा जलाकर मारने (Wife was burnt alive) वाले आरोपी पति को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय शुजालपुर ने कारावास की सजा से दंडित किया है. पति-पत्नी में मकान खरीदने और बेटी की शादी पहले करने की बात पर विवाद हुआ था. जिसके बाद पति ने पत्नी को जिंदा जला दिया था.
एडीपीओ संजय मौरे ने बताया कि राजकुंवर बाई की शादी 17 साल पहले गांव भीमपुरा से ग्राम खड़ी डोडिया निवासी संतोष के साथ हुई थी. तीन संतान होने के बाद भी पति संतोष अपनी पत्नी के साथ अक्सर झगड़ा करता था. जिससे परेशान होकर वर्ष 2016 से पीड़िता राजकुंवर बाई अपने भाई शिव प्रसाद के घर ग्राम भीमपुरा में रहने आ गई थी. यहीं पर अपने बच्चों के साथ रह रही थी. साल 2021 में महिला का पति संतोष भी अपना गांव छोड़कर पत्नी के पास भीमपुरा में आ गया और यही उसके साथ रहने लगा.







20 मई 2022 को सुबह 10 बजे बजे राजकुंवर बाई अपने भाई शिव प्रसाद के घर भीमपुरा में थी, जहां पति संतोष ने पहुंचकर अपनी पत्नी से कहा कि वह गांव में 1 लाख रुपए में मकान खरीद रहा है. पति की बात सुन राजकुंवर बाई ने कहा कि बेटी बड़ी हो गई है, पहले उसकी शादी के लिए रुपए जुटा लो, मकान मत लो. पत्नी के मकान लेने की बात से इनकार करने पर पति संतोष को इतना गुस्सा आया कि उसने कमरे में रखी मिट्टी तेल की केन उठाकर पत्नी के ऊपर डाल दी और माचिस से आग लगा दी.
आग की लपटों से घिरी देख इस महिला को पास में ही रहने वाली महिला भग्गू बाई ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी झुलस गई. इसके बाद पति संतोष ने ही पानी का टब पत्नी पर डालकर उसकी आग बुझाई, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुकी थी. घटना के बाद पीड़िता के भाई शिवप्रसाद ने 100 डायल से पुलिस की मदद लेकर शिकायत दर्ज कराई थी.
आग की लपटों से घिरी देख इस महिला को पास में ही रहने वाली महिला भग्गू बाई ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी झुलस गई. इसके बाद पति संतोष ने ही पानी का टब पत्नी पर डालकर उसकी आग बुझाई, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुकी थी. घटना के बाद पीड़िता के भाई शिवप्रसाद ने 100 डायल से पुलिस की मदद लेकर शिकायत दर्ज कराई थी.




पीड़िता का इलाज चल रहा था, जहां उसके बयान होने पर पुलिस ने पति संतोष के खिलाफ धारा 307 का प्रकरण दर्ज किया था. इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई थी. इस प्रकरण पर सुनवाई करते हुए चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ने पति संतोष को पत्नी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 2 हजार के अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय पारित किया है.






