
सुप्रीम कोर्ट का सवाल- केजरीवाल चुनाव से पहले गिरफ्तार क्यों : ED से कहा- आजादी बेहद अहम; 3 मई तक 5 सवालों के जवाब मांगे
By Dinesh chourasiya
दिल्ली शराब नीति केस में गिरफ्तारी और रिमांड के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने केजरीवाल की गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाए।
बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वकील ASG एसवी राजू से पूछा- दिल्ली के मुख्यमंत्री को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ही क्यों गिरफ्तार किया गया। स्वतंत्रता बहुत महत्वपूर्ण है, आप इससे इनकार नहीं कर सकते। कोर्ट ने 5 सवालों के जवाब के साथ 3 मई को सुनवाई की तारीख रखी।







सुप्रीम कोर्ट ने ED से 5 सवाल पूछे
1. क्या बिना किसी न्यायिक कार्यवाही के विजय मदनलाल चौधरी या अन्य मामले में जो कहा गया है, उसके संदर्भ में आपराधिक कार्यवाही शुरू की जा सकती है? (जस्टिस खन्ना ने कहा कि केजरीवाल के मामले में अब तक कोई कुर्की नहीं हुई है। अगर हुई है तो ED को यह बताना होगा कि उनका संबंध कैसे था)
2. मनीष सिसोदिया मामले में फैसले के दो हिस्से हैं- एक, जो उनके पक्ष में है, दूसरा, जो उनके पक्ष में नहीं है। केजरीवाल का मामला किस भाग में आता है?




3. PMLA के सेक्शन-19 की व्याख्या कैसे की जाए, क्योंकि केजरीवाल जमानत के लिए आवेदन करने के बजाय गिरफ्तारी और रिमांड के खिलाफ आ रहे हैं। यदि वे बाद का रास्ता अपनाते हैं तो उन्हें PMLA के सेक्शन-45 के तहत उच्च प्रावधानों का सामना करना पड़ेगा?
4. मामले में कार्यवाही शुरू होने और कुछ समय बाद बार-बार शिकायत दर्ज होने के बीच का समय। (इस संबंध में यह बताया गया कि अंतर के गंभीर नतीजे होंगे। चूंकि धारा 8 न्यायिक प्रक्रिया के लिए 365 दिनों की अधिकतम समय सीमा निर्धारित करती है)
5. गिरफ्तारी की टाइमिंग। चुनाव के पहले ऐसा क्यों किया?




