
Valentines Day 2023: ढोला-मारू का नाम तो आपने जरूर सुना होगा। इनके अलावा भी आपने आज तक कई कपल्स की कहानी सुनी होगी। पृथ्वीराज-संयुक्ता, हीर-रांझा, लैला मजनू आदि, लेकिन राजस्थान के प्रसिद्ध कपल ढोला मारू की प्रेम काहनी कुछ खास है। कहते हैं कि अजमेर के केकड़ी के बघेरा गांव में कपल ढोला-मारू की शादी हुई थी। इसी के चलते इस गांव में वैलेंटाइन डे पर खास मेला लगता है, जिसमें गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड आते हैं और यहां आकर वे एक-दूसरे से अपने प्यार का इजहार करते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, केकड़ी के बघेरा गांव में 10वीं शताब्दी से पहले का एक सुंदर भव्य तोरण द्वार है, वहीं, थाब भी है। कहते हैं कि यह थाब ढोला मारू के प्यार की एक निशानी है। इस तोरण के पास चार चवरिया है।







शाही शादी 500 साल पुरानी
स्थानीय निवासियों की माने तो ढोला-मारू की शादी इसी गांव में हुई थी और इनके विवाह में 50 चवरियों पर 300 जोड़ों ने इनके साथ—साथ फेरे लेकर हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थामा था। इस शादी का भव्य आयोजन हुआ है।
इस शादी के खाने में 72 मण मिर्ची से खाना बनाया गया था, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस शादी में कितना खाना बनाया गया था और कितने बड़े पैमाने पर लोग शामिल हुए थे।
लोकप्रिय प्रेम कहानी है ढोला-मारू की शादी
कहा जाता है कि ढोला-मारू का विवाह बचपन में ही हो गया था, लेकिन जब ढोला बड़ा हुआ तो उसकी दूसरी शादी कर दी गई और दूसरी रानी ने मारू से ढोला को मिलने नहीं दिया। वहीं, किसी तरीके से ढोला मारू से मिला और वह हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए।




ढोला-मारू की प्रेमकहानी में सुख दुःख, रोमांस, प्यार, नफरत सब कुछ है जो इस काहनी को बाकी लवस्टोरी से अलग बनाती है। यहां रहने वाले लोगों के अलावा भी इनकी प्रेम कहानी देश में काफी लोकप्रिय है।






