छत्तीसगढ़

CG – पत्नी को फोन कर के बोला – आज जल्दी घर आना, बीवी के लौटने पर पंखे से लटका मिला पति का शव… कोरोना काल में बंद हो गई थी दुकान… पिता बोले – तनाव में था

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी में एक युवक के आत्महत्या का मामला सामने आया है। युवक ने पंखे से फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है। बताया जा रहा है की कोरोना के समय युवक की बुक डिपो बंद हो गई थी। जिसके बाद से वो तनाव में रहता था। ऐसा बोलै जा रहा की युवक अपनी बेरोजगारी बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने अपने घर में फांसी लगा ली। खुदकुशी करने से पहले उसने बैंक में काम करने वाली अपनी पत्नी को कॉल किया था और जल्दी घर आ जाने की बात कही थी। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार मूलत: बिहार निवासी लल्लन शर्मा (69) जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित सीसीआई के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वे रामाग्रीन सिटी कॉलोनी में रहते हैं। बड़ा बेटा अमित शर्मा बेंगलुरू में जॉब करता है।

वहीं, छोटा बेटा सुमित शर्मा (38) सीएमडी कॉलेज के सामने सुमित बुक डिपो के नाम से दुकान चलाता था। सुमित की पत्नी मोपका स्थित एसबीआई में काम करती हैं। उनकी चार साल की बेटी भी है। सुमित अपनी पत्नी व बेटी के साथ सोनगंगा कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था।

सुमित की बेटी रामाग्रीन सिटी कॉलोनी के पास ही एसएस पब्लिक स्कूल में पढ़ती है, जिसे वह रोज स्कूल छोड़ने जाता था और फिर दोपहर में उसे अपने माता-पिता के पास रामाग्रीन सिटी में छोड़ देता था। दोपहर वह बेटे को लेकर गया। फिर घर में नहाने-खाने के बाद दोपहर करीब 2.30 निकला था। इस दौरान वह अपने किराए के मकान में आ गया। शाम को उसने अपनी पत्नी को कॉल किया और जल्दी घर आ जाने की बात कही। देर शाम करीब 7 बजे उसकी पत्नी घर पहुंची, तो दरवाजा खुला था। वहीं, अंदर कमरे में सुमित की लाश फंदे पर लटक रही थी।

पति को फंदे पर लटकते देखकर उसकी पत्नी ने तत्काल इस घटना की जानकारी अपने ससुर लल्लन शर्मा को दी। खबर मिलते ही घर पहुंचे परिजन ने आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर अपोलो अस्पताल लेकर गए, जहां उसे मृत बता दिया गया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सुमित के पिता लल्लन शर्मा ने बताया कि उसकी शादी 2015 में हुई थी। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी खुश रहते थे। उनका एक चार साल का बेटा भी है। सुमित पुस्तक-कापी की दुकान चलाता था। सब कुछ ठीक चल रहा था। कोरोना काल के दौरान सुमित की दुकान बंद हो गई, जिसके बाद से वह बेरोजगार हो गया था। बीच में प्राइवेट जॉब भी किया। लेकिन, उसका मन नहीं लगा। इसके बाद से वह तनाव में रहने लगा था।

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