छत्तीसगढ़राजनीति

बेरोजगारी भत्ते को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत हुई तेज,डॉ रमन सिंह ने पूछे कई सवाल…!

छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी भत्ते को लेकर अब सियासत तेज हो गई है ! मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 26 जनवरी को जगदलपुर के परेड ग्राउंड से इस विषय पर की गई घोषणा के बाद अब विपक्षी भाजपा ने अर्थव्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है ! प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करने वाले इस मुद्दे पर खुद पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कांग्रेस को पहले को घेरते हुए अपने ट्वीट पर इस घोषणा पर ही सवाल खड़े कर दिए।

उन्होंने कहा- साल 2018 में राहुल गांधी ने बेरोजगारी भत्ते की घोषणा की थी, इसके बाद फिर से भूपेश बघेल चुनावी साल में दोबारा यही घोषणा करके क्या सिद्ध करना चाहते हैं ! 4 सालों में जिस कांग्रेस ने सिर्फ घोषणा की उनसे क्रियान्वयन की कोई उम्मीद नहीं है।

डॉ रमन सिंह ने कई सवाल खड़े करते हुए कहा कि – चुनाव सामने देखकर बेरोजगारी भत्ता याद आ गया, 52 महीनों तक युवाओं को 2500 भत्ता नहीं दिया गया।
क्या कांग्रेस के घोषणापत्र सिर्फ आखरी छह महीनों के लिए था ? राहुल गांधी के वादे के अनुरूप 4 साल का बकाया 12 हजार करोड़ तत्काल बेरोजगारों को दिया जाना चाहिए !
प्रदेश में जब कोई बेरोजगार नहीं है भत्ता किसे दे ?

इस मुद्दे परभाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता तो यह तक कहने लगे थे कि बेरोजगारी भत्ते का कोई वादा ही कांग्रेस पार्टी ने नहीं किया था। भाजपा की ओर से मांग करते हुए चिमनानी ने कहा- कांग्रेस पार्टी आने वाले बजट में बेरोजगारी भत्ते के 15 हजार करोड रुपए की राशि जारी करे। ये राशि प्रदेश के 10 लाख युवाओं के लिए लंबित है। क्योंकि वादा 10 लाख युवाओं को प्रतिमाह 2500 का भत्ता देने का था।

चिमनानी ने अपने बयान में आगे कहा कि पूरी कांग्रेस सरकार भी प्रदेश की जनता को गुमराह करने जनता से माफी मांगे क्योंकि वह अब तक यही प्रचार किया गया है कि प्रदेश में बेरोजगारी है ही नहीं और अब बेरोजगारी भत्ते की घोषणा खुद कर रहे हैं। कांग्रेस के दावों की पोल खुल गई। ये भी स्पष्ट करे कांग्रेस कि प्रदेश के 10 लाख युवाओं से तो वादा किया मगर अब भत्ता देंगे किसे और कैसे।

 

Related Articles

Back to top button