
रेलवे की ‘खास’ स्कीम का उठाएं फायदा! रेलवे ने General Ticket वाले को Sleeper में यात्रा के लिए दिया अनुमति.
Rail News: इंडियन रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए नई सुविधा जारी करते हुए जनरल टिकट वाले को स्लीपर में शिफ्ट कराने का नया फैसला किया है जिसके वजह से कड़ाके की सर्दी में यात्रा कर रहे लोगों को सहूलियत मिलेगी. अगर आप भी रेलवे में जनरल टिकट लेकर यात्रा कर रहे हैं तो आपके लिए हम महत्वपूर्ण खबर काम आएगी.







खाली चल रहे स्लीपर कोच में रेल प्रशासन जनरल टिकट वाले यात्रियों को सफर कराएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी मंडल रेल प्रशासन से 80 प्रतिशत से कम यात्री के साथ चल रहे स्लीपर कोच की सूचना मांगी है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है।




जनरल टिकट पर सफर करने वालों को दी जाएगी सुविधा :
रेलवे बोर्ड ने जनरल टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके तहत ट्रेन स्लीपर कोच में छह माह से औसत सीट की क्षमता से 80 प्रतिशत से कम यात्री सफर करते हैं, उन ट्रेनों के एक या दो स्लीपर कोच को अनारक्षित घोषित कर दिया जाएगा, इसमें जनरल टिकट लेकर यात्री सफर कर पाएंगे। ऐसे स्लीपर कोच के बाहर अनारक्षित लिखा होगा। पहले आने वाले यात्री ऊपर की बर्थ पर सो सकते हैं। बीच की बर्थ खोलने की अनुमति नहीं होगी। रेलवे बोर्ड ने सभी मंडल रेल प्रशासन से अपने मंडल में चलाई जा रही ट्रेनों के स्लीपर कोच में यात्रियों की संख्या के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
मांगी गई सूचना :
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि स्लीपर कोच में जनरल यात्रियों को सफर करने की अनुमति देने के लिए सूचना मांगी गई थी। मुरादाबाद मंडल से संचालित होने वाली किसी ट्रेनों में भीड़ कम नहीं हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में भीड़ कम हो सकती है, सभी रेल मंडल से सूचना मिलने के बाद रेलवे बोर्ड कुछ ट्रेनों की ओर से स्लीपर क्लास में जनरल टिकट वाले यात्रियों को सफर की अनुमति दी जाएर्गी।
रेल प्रशासन लगा रहा नए कोच :
ट्रेनों में स्लीपर के स्थान पर एसी थ्री कोच में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रेल प्रशासन भी पुराने कोच के स्थान पर नए कोच लगा रहा है। नए कोच में स्लीपर कोच की संख्या कम कर उसके स्थान पर एसी थ्री के कोच लगाए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए नई दिल्ली मालदा टाउन एक्सप्रेस में पहले वाली व्यवस्था के तहत एसी थ्री के दो और स्लीपर के दस कोच थे। नई व्यवस्था में एसी थ्री कोच की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। जबकि, स्लीपर कोच की संख्या घटाकर छह रह गई है। बर्थ खाली होने पर स्लीपर के यात्रियों के टिकट को उच्चीकृत कर एसी थ्री में बर्थ उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।







