दुर्ग में एक और अपराधी जिला जिलाबद जिलाबदर एक वर्ष के लिए दुर्ग सहित 07 जिलों की सीमाओं में प्रवेश प्रतिबंधित 2018 में भी हो चुका है ये अपराधी जिलाबदर
By Dinesh chourasiya

▪️ *मनीष माण्डले के विरुद्ध वर्ष 2013 से अब तक मारपीट के 06, छेड़छाड़ का 01 तथा आबकारी एक्ट का 01 प्रकरण दर्ज है
▪️ *आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, गुंडा बदमाश सूची में निगरानी तथा न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किए गए।*
▪️ *पूर्व में जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग के आदेश दिनांक 12.11.2018 के तहत भी मनीष माण्डले को जिलाबदर किया गया था, इसके बाद भी आपराधिक गतिविधियां जारी रहीं।*
▪️ *छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा दिनांक 24.09.2026 को एक वर्ष की जिलाबदर कार्रवाई की गई।*
▪️ *दुर्ग, रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद एवं धमतरी जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश पर एक वर्ष तक प्रतिबंध लगाया गया है।*







मुख्य बिंदु
जिला दुर्ग के थाना पुलगांव क्षेत्र निवासी मनीष माण्डले के विरुद्ध लगातार आपराधिक गतिविधियों एवं पूर्व प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के बावजूद सुधार नहीं होने पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत जिलाबदर की कार्रवाई की गई है।
संक्षिप्त विवरण




मनीष माण्डले, निवासी नागदेवता चौक, नगपुरा, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग के विरुद्ध वर्ष 2013 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने संबंधी प्रकरण दर्ज हैं। आदेश में उसके विरुद्ध मारपीट के 06 प्रकरण, छेड़छाड़ का 01 प्रकरण एवं आबकारी एक्ट का 01 प्रकरण दर्ज होना उल्लेखित है।
आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई तथा उसे गुंडा बदमाश सूची में शामिल कर निगरानी रखी गई। इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियां जारी रहने पर जिलाबदर की कार्रवाई हेतु प्रकरण तैयार किया गया।
प्रकरण में थाना पुलगांव से आपराधिक चार्ट, जरायम सूची एवं संबंधित साक्ष्यों के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। अभियोजन साक्षियों को नोटिस जारी कर उनके कथन भी अभिलिखित किए गए। उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के पश्चात जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा दिनांक 24.09.2026 को जिलाबदर आदेश पारित किया गया।
आपराधिक रिकॉर्ड
1. अपराध क्रमांक 501/2013, धारा 294, 506, 323, 34 भादवि — दिनांक 05.09.2013, मारपीट संबंधी प्रकरण।
2. अपराध क्रमांक 05/2015, धारा 294, 506, 323 भादवि — दिनांक 02.01.2015, मारपीट संबंधी प्रकरण।
3. अपराध क्रमांक 386/2016, धारा 294, 506, 323, 427, 34 भादवि — दिनांक 13.08.2016, मारपीट संबंधी प्रकरण।
4. अपराध क्रमांक 502/2016, धारा 294, 506, 323, 427, 34 भादवि — दिनांक 18.10.2016, मारपीट संबंधी प्रकरण।
5. अपराध क्रमांक 135/2018, धारा 354, 354(क), 506 भादवि — दिनांक 18.04.2018, महिला से छेड़छाड़ एवं धमकी संबंधी प्रकरण।
6. अपराध क्रमांक 509/2021, धारा 294, 506, 323 भादवि — दिनांक 02.12.2021, मारपीट संबंधी प्रकरण।
7. अपराध क्रमांक 535/2023, धारा 36 आबकारी एक्ट — दिनांक 29.12.2023।
8. अपराध क्रमांक 489/2025, धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) बीएनएस — दिनांक 23.10.2025, मारपीट संबंधी प्रकरण।
पुलिस द्वारा किए गए प्रयास
▪️ वर्ष 2013 से आपराधिक गतिविधियों पर लगातार वैधानिक कार्रवाई करते हुए संबंधित अपराधों में अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
▪️ अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए धारा 107, 116(3), 110, 151 दण्ड प्रक्रिया संबंधी प्रावधानों के तहत समय-समय पर इस्तगासा न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
▪️ आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी एवं नियंत्रण के लिए मनीष माण्डले को गुंडा बदमाश सूची में शामिल किया गया।
▪️ पूर्व में दिनांक 12.11.2018 को जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग के आदेश से जिलाबदर की कार्रवाई की गई थी।
▪️ वर्ष 2025 एवं 2026 में भी प्रतिबंधात्मक प्रकरणों में इस्तगासा न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, लेकिन आपराधिक गतिविधियां जारी रहने पर पुनः जिलाबदर की कार्रवाई की गई।
आरोपी का नाम
मनीष माण्डले, निवासी नागदेवता चौक, नगपुरा, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग।
प्रवेश प्रतिबंधित जिले
जिला दण्डाधिकारी के आदेश के अनुसार मनीष माण्डले को निम्न 07 जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं—
1. दुर्ग
2. रायपुर
3. बेमेतरा
4. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
5. राजनांदगांव
6. बालोद
7. धमतरी
उक्त जिलों की सीमाओं से आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर बाहर चले जाने तथा एक वर्ष की अवधि तक बिना अनुमति प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।






