Uncategorized

CG में भू-माफिया पर FIR दर्ज करने कलेक्टर का आदेश बेशकीमती जमीन को पाटकर कब्जा, आदिवासी भूमि की हुई फर्जी रजिस्ट्री

By Dinesh chourasiya

अंबिकापुर के बस स्टैंड से लगे रिंगबांध तालाब के 57 डिसमिल जमीन को प्रभावशाली भू-माफिया द्वारा पाटकर कब्जा करने एवं प्लाटिंग करने के मामले में सरगुजा कलेक्टर ने एफआईआर का आदेश दिया है। अंबिकापुर के तहसीलदार मामले में FIR दर्ज कराएंगे।

रिंगबांध का कुल रकबा प्रशासन के रिकार्ड में 6.25 एकड़ निस्तार मद में दर्ज है। इस तालाब के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया गया है। इसमें से 57 डिसमिल जमीन को जनवरी 2026 में आजाद इराकी के नाम पर रजिस्ट्री करा ली गई थी। जांच में सेटलमेंट रिकार्ड में यह जमीन अनुसूचित जनजाति वर्ग की पाई गई है।

जानकारी के मुताबिक, पांच माह पूर्व भूमाफियाओं ने रिंगबांध के जलक्षेत्र को मिट्टी डालकर पाटना शुरू किया तो कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने आपत्ति जताई। आनन-फानन में अंबिकापुर तहसीलदार ने जमीन पाटने पर रोक लगा दी। अंबिकापुर निगम आयुक्त व तहसीलदार ने उक्त जमीन पर किसी भी प्रकार के काम करने पर रोक लगाई थी। सरगुजा कलेक्टर ने मामले की जांच अंबिकापुर एसडीएम से कराई।

फर्जी मृत्यु प्रमाणत्र से रजिस्ट्री के लगे थे आरोप

समाजसेवी कैलाश मिश्रा ने दावा किया है कि जमीन के असली मालिक की मौत के बाद उसके दो अलग-अलग मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए गए और फौती के लिए आवेदन किया गया। दोनों दस्तावेजों में वारिस अलग-अलग हैं। मामला तहसील न्यायालय में चल रहा है।

आलोक दुबे ने भी कलेक्टर सरगुजा को शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी। पार्षद आलोक दुबे ने बताया कि यह रिंग तालाब नगर निगम के 17 तालाबों की सूची में पांचवें नंबर पर दर्ज है। यह जमीन बेशकीमती है।

जमीन की फर्जी तरीके से तैयार किया गया दस्तावेज

कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में खुलासा हुआ कि प्रतीक्षा बस स्टैंड अम्बिकापुर स्थित खसरा क्रमांक 3714 की भूमि में स्थित जल क्षेत्र को पाटकर प्लाटिंग की जा रही है।

भूमि के वास्तविक स्वामी जैलाल पिता बोधन गोंड़ के स्थान पर केवल जैलाल पिता बोधन बनाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया गया। विक्रेता चंद्रशेखर यादव ने उक्त भूमि आजाद इराकी निवासी जयनगर के नाम पर रजिस्ट्री कर दी।

च प्रतिवेदन के अनुसार प्रश्नाधीन भूमि अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 के पूर्व से जैलाल पिता बोधन, जाति गोंड़ के नाम पर दर्ज होना पाया गया। जांच में भूमि के अंतरण की प्रक्रिया में फर्जी एवं दोषपूर्ण दस्तावेजों के उपयोग तथा वारिसों से संबंधित अभिलेखों में अनियमितता का उल्लेख किया गया है।

जांच के दौरान नगर पालिक निगम अम्बिकापुर से मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। निगम द्वारा 4 मई 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार जैलाल पिता बोधन की मृत्यु दिनांक 23 अप्रैल 1976 से संबंधित प्रस्तुत मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिक निगम अम्बिकापुर में दर्ज नहीं था और न ही निगम द्वारा जारी किया गया था।

जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अमलभिट्ठी के पटवारी द्वारा जैलाल पिता देवराम के वारिसों की जानकारी तैयार कर दी गई थी, लेकिन उक्त जानकारी का उपयोग जैलाल पिता बोधन के वारिसों के संबंध में करते हुए राजस्व अभिलेखों में फौती नामांतरण की कार्रवाई कराई गई।

रजिस्ट्री में अन्य सहखातेदारों नोहर साय, रामकुमार, श्रीलाल, पूर्णिमा सभी पिता भोला जनकुंवर पति भोला की भूमिका भी संदिग्ध है।

जांच प्रतिवेन के आधार पर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने विक्रेता चंद्रशेखर यादव, सहित अन्य विक्रेताओं और खरीददार आजाद इराकी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज करने का निर्देश अंबिकापुर तहसीलदार को दिया है

Related Articles

Back to top button