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भिलाई में IPL सट्टा नेटवर्क पर पुलिस की कार्यवाही:बैंक खाते बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार, अब तक 5 लोग पकड़े गए; सट्टेबाजों को पासबुक, ATM और दस्तावेज पहुंचाता था

By Dinesh chourasiya

भिलाई में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा और म्यूल अकाउंट के जरिए चल रहे नेटवर्क पर सुपेला पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह सट्टा गिरोह को बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और दूसरे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराता था। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोग भी सामने आ सकते हैं।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार।

पुलिस ने बताया कि 24 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जगदलपुर के कुछ लोग सुपेला इलाके में बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज बेचने के लिए आने वाले हैं। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन आईपीएल सट्टा और म्यूल अकाउंट चलाने में किया जाना था। सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस ने पांच रास्ता हनुमान मंदिर ओवरब्रिज के पास घेराबंदी की। यहां से तीन लोगों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने और दूसरे लोगों के बैंक खाते, कारोबार से जुड़े खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड सुपेला निवासी विशाल गुप्ता समेत अन्य लोगों को बेचते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे के पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता था।

उतई का रहने वला है आरोपी शुरुआती कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि एक आरोपी फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान फरार आरोपी दुलेश्वर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह उतई के आदर्श नगर का रहने वाला है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड समेत अन्य दस्तावेज जब्त पुलिस का कहना है कि आरोपी बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और दूसरे बैंकिंग दस्तावेज सट्टा गिरोह तक पहुंचाकर पैसे कमाता था। ऐसे खाते अक्सर म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनके जरिए सट्टे और साइबर अपराध से जुड़े पैसों का लेन-देन किया जाता है। इस मामले में पुलिस पहले ही बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और दूसरे बैंकिंग दस्तावेज जब्त कर चुकी है। अब जांच इस बात पर भी की जा रही है कि इन खातों के जरिए कितने रुपए का लेन-देन हुआ और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

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