जंगल सफारी-नंदनवन जू घूमना हुआ महंगा:50% तक बढ़े टिकट के दाम, बच्चों के लगेंगे 100 रुपए; AC बस के किराए में भी इजाफा
By Dinesh chourasiya
नवा रायपुर के नंदनवन जू और जंगल सफारी घूमने जाने वाले पर्यटकों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ शासन के वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने जू एंट्री, सफारी राइड और दूसरी सुविधाओं के टिकट रेट में बड़ा बदलाव किया है।







नई रेट पॉलिसी के तहत कई श्रेणियों में टिकट दरें औसतन 50% तक बढ़ाई गई हैं, जबकि कुछ कैटेगरी में यह बढ़ोतरी दोगुनी से भी ज्यादा है।




बच्चों का टिकट अब 50 रुपए
पहले 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए जू एंट्री टिकट 25 रुपए लगता था, जिसे अब बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है।
बड़ों का टिकट 50 से बढ़कर 100 रुपए
12 साल से ज्यादा उम्र के पर्यटकों के लिए पहले जू एंट्री टिकट 50 रुपए था। अब इसे बढ़ाकर 100 रुपए कर दिया गया है।
विदेशी पर्यटकों के लिए भी बढ़े रेट
विदेशी पर्यटकों का टिकट पहले 200 रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है।
सीनियर सिटीजन और दिव्यांगजन को राहत
60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजनों की एंट्री पहले की तरह नि:शुल्क रहेगी। हालांकि, इसके लिए वैध पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा।
वीकेंड और छुट्टियों में नहीं मिलेगी छूट
नई पॉलिसी में साफ किया गया है कि वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजनों को मिलने वाली नि:शुल्क एंट्री की सुविधा वीकेंड, सार्वजनिक अवकाश और सरकारी छुट्टियों पर लागू नहीं होगी।
वन विभाग के मुताबिक, नई रेट पॉलिसी से जंगल सफारी और जू की सुविधाओं को बेहतर बनाने, रखरखाव और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इससे पहले कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में जंगल सफारी का किराया कम किया था। पहले नंदनवन जू का पैकेज जंगल सफारी टिकट में शामिल रहता था, जिसे बाद में अलग कर दिया गया।
सफारी की खास बातें
नंदनवन जंगल सफारी सेक्टर-39, नया रायपुर में स्थित है। यह रायपुर रेलवे स्टेशन से करीब 35 किलोमीटर और स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। करीब 800 एकड़ में फैली यह सफारी हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां 130 एकड़ का खांडवा जलाशय भी है, जहां प्रवासी पक्षी आते हैं।
यहां 4 तरह की सफारी बनाई गई हैं-
शाकाहारी सफारी (30 हेक्टेयर) भालू सफारी (20 हेक्टेयर) टाइगर सफारी (20 हेक्टेयर) शेर सफारी (20 हेक्टेयर)
सफारी क्षेत्र को ऊंची सुरक्षा बाउंड्री से घेरा गया है। अंदर जानवरों के लिए प्राकृतिक माहौल, पेड़-पौधे, पानी और आश्रय की व्यवस्था की गई है। करीब 55 हजार पौधे लगाए गए हैं।
सफारी घूमने के लिए विशेष वाहन चलते हैं, जो तय रास्ते पर धीमी गति से सफर कराते हैं। वर्तमान में यहां 3 बाघ, 4 भालू





