Tamilnadu TVK चीफ विजय की आज होने वाली शपथ कैंसिल 116 विधायकों का समर्थन मिला, 2 अब भी बाकी; आज होने वाली शपथ
By Dinesh chourasiya

तमिलनाडु में सरकार गठन पर राजनीतिक सस्पेंस अब भी बरकरार है। TVK चीफ और एक्टर विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन उनके पास महज 116 विधायकों का ही समर्थन पत्र था।







इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बहुमत का आंकड़ा न होने के कारण आज होने वाला विजय का शपथ समारोह कैंसिल हो गया है।
दरअसल, विजय ने राज्यपाल को TVK, कांग्रेस, CPI, CPI(M) के 116 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था। IUML और VCK ने अब तक समर्थन पत्र नहीं दिया है। दोनों के पास 2-2 विधायक हैं। विजय को भी बहुमत के लिए महज 2 विधायक और चाहिए हैं।




इससे पहले विजय ने 6 और 7 मई को भी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन राज्यपाल ने कहा कि 118 विधायकों का समर्थन दिखाए बिना वे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं कर सकते।
VCK ने दिन में समर्थन की बात कही, रात तक कोई एक्शन नहीं
VCK चीफ थिरुमावलवन ने शुक्रवार सुबह सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पार्टी TVK को समर्थन देगी। लेकिन देर रात तक राज्यपाल को समर्थन का औपचारिक पत्र नहीं सौंपा। इससे विजय सरकार बनाने और शनिवार को होने वाली शपथ एक बार फिर टल गई।
राज्यपाल कार्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार शाम को हुई बैठक में विजय के पास केवल 116 विधायकों का ही रिकॉर्ड था।
VCK का X अकाउंट भी सस्पेंड हुआ
शुक्रवार को विदुथलाई चिरुथईगल काची (VCK) का X अकाउंट नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सस्पेंड कर दिया गया। यह सस्पेंशन VCK की पोस्ट के बाद हुआ, जिसमें उसने तमिलनाडु विधानसभा में गठबंधन सरकार बनाने के लिए तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के समर्थन की बात कही थी।
VCK ने अभी तक गठबंधन सरकार के लिए विजय को समर्थन देने की आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है।
TVK समर्थकों ने लोकभवन के सामने प्रदर्शन किया
- TVK को बहुमत नहीं मिलने के केस में DMK और AIADMK में गठबंधन के बाद सरकार गठन की अटकलें हैं। TVK ने कहा कि अगर दोनों पार्टियों ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, तो उसके सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे।
- TVK समर्थकों ने शुक्रवार सुबह गवर्नर हाउस (लोकभवन) के सामने प्रदर्शन और नारेबाजी की। पुलिस ने कई समर्थकों को हिरासत में लिया।
- कांग्रेस से गठबंधन टूटने के बाद DMK ने लोकसभा में अपने सांसदों की सीट बदलने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि गठबंधन टूटने के बाद सदन में कांग्रेस के साथ बैठना सही नहीं है।




