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केंद्र सरकार ने कहा- देश में LPG प्रॉडक्शन 40% बढ़ा:देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा; पश्चिम एशिया के हालात पर केंद्र ने कमेटी बनाई

By Dinesh chourasiya

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश की सभी रिफाइनरी 100 फीसदी कैपेसिटी से ऑपरेट कर रही हैं। देश में एलपीजी प्रोडक्शन 40% बढ़ा है। देश में लॉकडाउन की स्थिति नहीं है। 14 मार्च से अबतक 30 हजार कॉमर्शियल एलपीजी दी जा चुकी है। रेस्टोरेंट, ढाबों को तवज्जो दी गई है।

प्रेस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि हमारा 90% एलपीजी होर्मुज से आ रहा था। लगभग 30 हजार सिलेंडर माइग्रेंट लेबर को दिए गए हैं। हमारे पास पर्याप्त मात्रा में क्रूड, पेट्रोल-डीजल मौजूद है। एलपीजी की सप्लाई हो रही है। अफवाहों के चलते पेट्रोल पंप पर भीड़ है।

उन्होंने कहा कि कल लगभग 3 हजार रेड हुई हैं, 1500 सिलेंडर जब्त हुए हैं। 350 डिस्ट्रीब्यूटर्स को शोकॉज नोटिस दिए गए हैं। हमारे पास पर्याप्त सप्लाई है। अफवाहों पर ध्यान न दें, जितनी जरूरत हो उतना ही खरीदें। पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें न लगाएं।

  • पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत की कच्चे तेल (क्रूड), एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के साथ-साथ अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, भारत सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए विभिन्न स्तरों पर कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार के अनुसार, देश में अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त क्रूड स्टॉक उपलब्ध है और एलपीजी व पीएनजी की स्थिति भी संतोषजनक है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता या उससे अधिक पर काम कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 40% की वृद्धि हुई है।
  • भारत की आयात निर्भरता अधिक होने के कारण जहां लगभग 90% एलपीजी आयात होर्मुज के रास्ते आता है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। शुरुआत में कमर्शियल सप्लाई रोक दी गई थी, जिसे बाद में धीरे-धीरे बहाल किया गया, पहले 20%, फिर PNG विस्तार को ध्यान में रखते हुए 10% और बढ़ाया गया, इसके बाद 50% और अब 70% तक कर दिया गया। 14 मार्च से अब तक लगभग 30,000 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।
  • सरकार ने इन फैसलों के दौरान यह तय किया कि रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता मिले। इसके अलावा स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाई, केमिकल और प्लास्टिक उद्योगों के लिए भी प्राथमिकता तय की गई। प्रवासी मजदूरों के लिए करीब 30,000 छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर भी वितरित किए गए।
  • सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में क्रूड, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और एलपीजी, एलएनजी व पीएनजी की सप्लाई भी पूरी तरह सुरक्षित है। कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं, लेकिन वास्तव में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। भले ही भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर से ऊपर चली गई हो, सरकार ने यह तय किया कि किसी भी उत्पाद की कमी न हो।

सरकार के 3 मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को नकारा…

लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के चार दिन पहले संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुईं। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। शुक्रवार को सरकार के तीन मंत्रियों ने इसे नकारा…

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- ये सब कौन अफवाह उड़ा रहा है। पीएम ने साफ तौर पर कहा था कि पैनिक नहीं होना है। जमाखोरियों को चेतावनी दी है। राज्य सरकारों से कहा है कि कोई भी होर्डिंग न करे। भारत सरकार के कंट्रोल में पूरी स्थिति है। आम लोगों को तकलीफ न हो इसके लिए टॉप लेवल से लेकर नीचे लेवल तक यहां तक कि पीएम खुद मॉनीटर कर रहे हैं।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं। राजनीतिक डोमेन में बैठे लोगों की तरफ से ऐसी बातें चिंता की बात हैं। कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा।

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में कमेटी का गठन

केंद्र ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी का गठन किया है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ अन्य मंत्री शामिल हैं।

  • राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी जी ने कह दिया कि कोविड जैसा समय आने वाला है। कोविड में जो किया था वो भूल गए कि कितने लोग मरे थे। कैसी दुखद स्थिति हुई थी।
  • मल्लिकार्जुन खड़गे बोले थे कि कोविड महामारी के दौरान हुई दुखद पीड़ा को नहीं भूला जा सकता जब 40 लाख से ज्यादा जानें चली गईं। अनगिनत नागरिक ऑक्सीजन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करते रह गए। ऐसे में पीएम क्या 140 करोड़ भारतीयों को एक बार फिर खुद ही ऊर्जा संकट के साथ-साथ भोजन, उर्वरक और महंगाई के बढ़ते दबाव जैसे संकट का सामना करने के लिए कह रहे हैं।

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