भिलाई निगम बजट-सत्र में हंगामा, आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव आयुक्त राजीव पांडेय बोले- बुद्धि पूर्वक चर्चा होगी तो बैठूंगा, विरोध में आए कांग्रेस-बीजेपी, हटाने की मांग
By Dinesh chourasiya

भिलाई नगर निगम में महापौर नीरज पाल ने अपने आखिरी बजट सत्र में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 838 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया। आयुक्त राजीव पांडेय कहा कि बुद्धि पूर्वक चर्चा होगी तो ही बैठूंगा। जिसका कांग्रेस और बीजेपी ने विरोध जताया और आयुक्त को हटाने की मांग की। जिस पर बीजेपी को छोड़कर महापौर समेत सभी कांग्रेस पार्षदों ने हस्ताक्षर किए।







सभा खत्म होने के बाद महापौर नीरज पाल ने कहा कि, आयुक्त ने अमर्यादित भाषा में बात की है। वो कह रहे थे बुद्धि से बात करिए, क्या हम हंसी मजाक कर रहे थे। नेता प्रतिपक्ष भोजराम सिन्हा ने आयुक्त की शब्दों की निंदा की।
वहीं, आयुक्त राजीव पांडेय ने कहा कि, किसी भी सवाल का जवाब MIC सदस्यों को देना चाहिए। इसके बाद यदि सभापति कहें, तो अधिकारी जवाब देंगे। इसलिए संभवता यह बात उन्हें अच्छी नहीं लगी होगी। जिसका विरोध किया गया।




शिक्षा उपकर की राशि का मुद्दा उठा
इसके अलावा सदन में अफीम का मुद्दा भी गूंजा। बीजेपी पार्षद पीयूष मिश्रा ने शिक्षा उपकर की राशि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, नियम विरुद्ध काम हुआ। आर्थिक अपराध की श्रेणी में पूरा मामला आएगा। जिस पर महापौर नीरज पाल ने जवाब दिया।
वहीं, कांग्रेस पार्षद के. जगदीश ने कहा कि, अगर भ्रष्टाचार हुआ है, तो कार्रवाई करें। बीजेपी की सरकार है। सिर्फ बोलने से नहीं होता कि भ्रष्टाचार हुआ है। आयुक्त राजीव पांडेय ने कहा कि, आगे से शिक्षा उपकर की राशि का शिक्षा के लिए ही खर्च करेंगे। 4 करोड़ के आस पास राशि मिली है। बीएसपी से इस बार 3 करोड़ रुपए भवन अनुज्ञा की राशि मिली है।




