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देशभर में LPG की किल्लत, एजेंसी के बाहर लंबी लाइनें:UP-बिहार में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बंट रहे, अयोध्या में राम रसोई बंद

By Dinesh chourasiya

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो रही है। गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर लंबी लाइनें लगी हैं।

दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स में खाना नहीं बन पा रहा है।

वहीं, LPG सिलेंडर की किल्लत के चलते अयोध्या में राम रसोई को बंद कर दिया गया है। 8 साल में पहला मौका है जब राम रसोई बंद की गई है।

घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी 2.5 दिन में ही होगी

इस बीच देश में रसोई गैस (LPG) की कमी की खबरों को सरकार ने फेक बताया। जनता से शांत रहने की अपील की और LPG की कमी को लेकर झूठी खबरें न फैलाने को कहा है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि देश में एलपीजी की डिलीवरी साइकल अभी भी 2.5 दिन ही बना हुआ है।

घरेलू एलपीजी का उत्पादन 25% तक बढ़ाया है

देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग घबराकर ‘पैनिक बुकिंग’ न करें। सप्लाई चेन को दुरुस्त रखने के लिए घरेलू एलपीजी का उत्पादन 25% तक बढ़ा दिया गया है।

कुछ जगहों पर गलत जानकारी की वजह से लोग पैनिक बुकिंग और जमाखोरी कर रहे हैं। ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है, सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।

LNG के 2 जहाज रास्ते में, जल्द पहुंचने की उम्मीद

अब भारत का 70% कच्चा तेल उन रास्तों से आ रहा है जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर हैं। पहले यह आंकड़ा 55% था। हमने खरीद में विविधता लाकर अपनी सप्लाई सुरक्षित कर ली है।

गैस कंपनियों ने नए स्रोतों से एलएनजी (LNG) के कार्गो सुरक्षित किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, दो बड़े एलएनजी जहाज अगले एक-दो दिन में भारत पहुंचने वाले हैं।

इससे देश में ईंधन की स्थिति और मजबूत होगी। वर्तमान में भारत की रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि पेट्रोलियम उत्पादों की कमी न हो।

मध्य प्रदेश: कैटरर्स बोले- ये इमरजेंसी जैसी स्थिति

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप होने से सबसे ज्यादा संकट होटल-रेस्टॉरेंट पर है। वहीं घरेलू रसोई गैस लेने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी है।

जिन घरों में शादी है, वे टेंशन में हैं। अकेले भोपाल में ही 20 दिन में एक हजार से ज्यादा शादियां हैं। कैटरर्स का कहना है कि ये इमरजेंसी जैसी स्थिति है

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