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दुर्ग में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज:प्रशासन ने 4 दिसंबर तक प्रपत्र जमा करने की अपील की

By Dinesh chourasiya

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जिला प्रशासन ने बताया कि इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी स्तरों पर गति लाई गई है। जिले के सभी 1520 मतदान केंद्रों पर तैनात 1520 बीएलओ ने अब तक दो प्रतियों में तैयार किए गए गणना प्रपत्र घर-घर पहुंचा दिए हैं। वर्तमान में इन प्रपत्रों का संग्रहण किया जा रहा है।

निर्वाचन आयोग ने प्रपत्रों के वितरण, भरवाने, संग्रहण और उन्हें बीएलओ ऐप में अपलोड करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर 2025 निर्धारित की है। इसी के मद्देनजर, प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द अपने गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को सौंप दें। इससे जिले की मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सकेगा।

2003 मतदाता सूची के आधार पर प्रपत्र में नाम और माता-पिता का विवरण भरें

गणना प्रपत्र भरने के लिए, मतदाता को पहले भाग में अपना व्यक्तिगत विवरण दर्ज करना होगा। यदि मतदाता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल था, तो तालिका के बाईं ओर विवरण भरना होगा। यदि नाम 2003 की सूची में नहीं था, तो तालिका के दाईं ओर माता-पिता की प्रविष्टियां 2003 की एसआईआर सूची के अनुसार भरनी होंगी।

मतदाता सूची अपडेट के लिए ऑनलाइन सुविधा

जिला प्रशासन ने सूचित किया है कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची बीएलओ के पास उपलब्ध है, और आवश्यकता पड़ने पर मतदाता बीएलओ की सहायता ले सकते हैं। जिन मतदाताओं के मोबाइल नंबर आधार या मतदाता पहचान पत्र से लिंक हैं, वे अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन voters.eci.gov.in पर भर सकते हैं।

यदि मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-8 का लिंक प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से मोबाइल नंबर तुरंत अपडेट किया जा सकता है।

2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने का विकल्प

छत्तीसगढ़ में निवासरत मतदाता ceochhattisgarh.nic.in पर अपने नाम और पिता के नाम के आधार पर 2003 की सूची में प्रविष्टि खोज सकते हैं। जो मतदाता 2003 में छत्तीसगढ़ में नहीं रहते थे, वे voters.eci.gov.in पर अपने पूर्व निवास वाले राज्य की 2003 की मतदाता सूची में अपना विवरण खोज सकते हैं।

जिला प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि 4 दिसंबर 2025 तक गणना प्रपत्र जमा कर पुनरीक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। मतदाताओं की सक्रिय सहभागिता से जिले की मतदाता सूची अधिक पारदर्शी, सटीक और व्यापक बन सकेगी।

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