छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक बुजुर्ग को बच्चा चोर समझ कर ग्रामीणों ने जमकर पीट दिया। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग अपने रिश्तेदार के घर से जंगल के रास्ते लौट रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और लाठी डंडे से भी मारपीट कर दी। मामला शंकरगढ़ थाना इलाके का है।
जानकारी के मुताबिक, 25 मई को कृष्णनगर निवासी 62 साल का किसान लेलवा मिंज सुबह पैदल अपने समधी के घर ग्राम करमी गया था। वहां से वह अपने कपड़े लेकर पैदल वापस गांव लौट रहा था। दोपहर लगभग तीन बजे बुजुर्ग लेलवा मिंज ग्राम जम्हाटी जंगल में पहुंचा। वहां उसे कुछ लोगों ने ओड़का (बच्चा चोर) बोलते हुए रोक दिया।








जंगल में मारपीट की, फिर गांव ले जाकर भी पीटा
लेलवा मिंज को ग्रामीण ओड़का बोलते हुए उस पर लाठी-डंडे बरसाने लगे। जब लेलवा मिंज ने अपना परिचय देते हुए उन्हें रोका तो ग्रामीण उसे पकड़कर गांव ले गए। वहां और लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने उसे डंडे के साथ लात-मुक्के से बेरहमी से पीटा। मारपीट में बुजुर्ग के चेहरे, दोनों कंधे, पीठ, सीने में चोट आई है। गांव के कुछ युवाओं ने मारपीट का मोबाइल पर वीडियो भी बना लिया।
धमकी देकर छोड़ा, पुलिस का एक्शन




बुजुर्ग को मारपीट में आई चोट को देखते हुए गांव के ही कुछ लोगों ने रोका। इस दौरान बुजुर्ग को यह कहा गया कि, फिर इस क्षेत्र में नजर आया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद बुजुर्ग किसी तरह से वहां से उठा और अपने घर पहुंचा। उसने परिवार जनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों के साथ लेलवा मिंज ने शंकरगढ़ थाने पहुंचे मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई।
शंकरगढ़ थाना प्रभारी जितेंद्र सोनी ने बताया कि मामले में आरोपी नान, मंशु सहित सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया।
पहले भी हो चुकी है घटना
बलरामपुर जिले के कुसमी, शंकरगढ़, चांदो और सामरी थानाक्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह पहले भी फैलती रही है। इसे लेकर पहले भी मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बलरामपुर पुलिस ने ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।







