दुर्ग में INDIA सांसदों ने दुर्ग जेल में बंद ननों से की मुलाकात:केंद्र पर अल्पसंख्यकों को टारगेट करने का आरोप, बोले- कल संसद में उठाएंगे मुद्दा
By Dinesh chourasiya

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर 25 जुलाई को मानव तस्करी के आरोप में केरल की दो कैथोलिक ननों वंदना फ्रांसिस और प्रीति मेरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब इस मामले को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दुर्ग जेल पहुंचा।







सांसदों ने सरकार पर लगाए आरोप
जेल के बाहर मीडिया से बात करते हुए सांसदों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही है और बिना वजह जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों नन निर्दोष हैं और उनके साथ अन्याय हो रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में सांसद के. फ्रांसिस जॉर्ज, बेनी बेहनन, सप्तगिरी उल्का, एन. के. प्रेमचंद्रन, इंग्रिड मैकलोड, अनिल थॉमस के साथ कांग्रेस की महासचिव जरिता लेफलॉन्ग और सामाजिक कार्यकर्ता एनी पीटर शामिल थीं।




जेल में नहीं दी गई थी मिलने की अनुमति
सांसद जब दुर्ग जेल पहुंचे तो उन्हें पहले ननों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौके पर पहुंचे। मौके से बघेल ने जेल डीजी को फोन लगाया तब सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को जेल के अंदर मुलाकात करने के लिए जाने की अनुमति मिली।
बघेल ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि लोकसभा छोड़कर आए हुए सांसदों को जेल में बंद महिला बंदियों से मुलाकात करने से क्यों रोका जा रहा है।
बघेल ने कहा कि यह असंवैधानिक तरीके से गिरफ्तारी का मामला है। इस मामले को पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसके अलावा लोकसभा में भी इस मामले को उठाया। केरल से सांसद और विधायकों के प्रतिनिधिमंडल मिलने आए थे। उनको लगभग 1:00 बजे का समय दिया गया था। लेकिन केरल से भाजपा का डेलिगेशन रायपुर आ चुका है, इसलिए आज इनको नहीं मिलने देना चाह रहे थे। कल का समय दे रहे थे।
इसलिए मुझे मौके आना पहुंचना पड़ा, क्योंकि यह मेरे जिले का मामला है। यहां पहुंच कर जेल डीजी से बात करके कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल संसद सत्र को छोड़कर मिलने आए थे। इनको मिलने दिया जाए। यदि नहीं मिलने दिया गया तो यहीं पर धरने पर बैठेंगे। तब जाकर मिलने की अनुमति दी गई।
भूपेश बघेल ने कहा कि यह बीजेपी की रणनीति है कि अल्पसंख्यकों को टारगेट करो ताकि वह संख्या वोट को केंद्रीकरण किया जा सके।
सांसद बेनी बेहनन ने कहा- कल संसद में उठाएंगे यह मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद बेनी बेहनन ने मीडिया से चर्चा में कहा कि दोनों नन से हमने विस्तार से चर्चा की। जेल में बंद दोनों सिस्टर ने बताया कि वे तीन युवतियों को नौकरी के लिए आगरा, शहडोल और एक अन्य स्थान पर ले जा रही थीं। लेकिन गलतफहमी पैदाकर धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगाते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दबाव बनाया। यह सब किसने किया ? यह सब क्या है? यह पुलिस ने नहीं किया, बल्कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किया। क्या यही ला एंड आर्डर है। पुलिस के संरक्षण में बजरंग दल ने ही यह सब किया है। हम सब यह मुद्दा कल संसद में उठाने जा रहे हैं।
सांसद सप्तगिरि उल्का बोले- बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बेवजह हंगामा किया
सांसद सप्तगिरि उल्का ने चर्चा में बताया कि मुझे लगता है कि गलतफहमी में सरकार ने इन्हें आरोपी बनाया है। हम दोनों सिस्टर से मिलकर आ रहे हैं। दोनों नर्स हैं। एसमें एक नर्स का काम करती हैं, तो एक फार्मासिस्ट हैं। यह दोनों मिशनरीज हॉस्पिटल में काम करती हैं।
यह सिस्टम तीन युवतियों को काम दिलाने के लिए बात करके ले जा रहे थे। पुलिस ने उनकी वेशभूषा देखकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को फोन कर दिया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन में आकर बेवजह हंगामा मचाया। इसके बाद जबरदस्ती धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगाकर इनको फंसाने की कोशिश की जा रही है। जो कानूनी प्रक्रिया है, उसका पालन करते हुए इस मामले को हम कोर्ट में लड़ेंगे। इस बात की सत्यता जानने के लिए हम यहां आए थे। आज हम मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। यह पूरी सत्यता हम सदन में रखेंगे और सदन में बाद उठेगी।




