
सुप्रीम कोर्ट की ED को फटकार:सिद्धारमैया की पत्नी को समन भेजने पर कहा- राजनीतिक लड़ाई चुनाव तक ठीक, इसके लिए एजेंसियों का इस्तेमाल क्यों
By Dinesh chourasiya
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को फटकार लगाते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाइयां चुनाव में लड़ी जानी चाहिए, जांच एजेंसियों के जरिए नहीं। ED का इस तरह इस्तेमाल क्यों हो रहा है?
ये टिप्पणी CJI बीआर गवई और जस्टिस के.विनोद चंद्रन की बेंच ने सोमवार को मैसूर अर्बन डेवलपमेंट बोर्ड (MUDA) केस में ED की अपील की सुनवाई के दौरान की। CJI ने कहा कि हमारा मुंह मत खुलवाइए। नहीं तो हम ED के बारे में कठोर टिप्पणियां करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा,







मेरे पास महाराष्ट्र का कुछ अनुभव है। आप देशभर में इस हिंसा को मत फैलाइए।

दरअसल, ED ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी बीएम पार्वती को MUDA केस में समन भेजा था। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मार्च में यह समन रद्द कर दिया था। ED ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आखिर में ED की अपील खारिज कर दी।




सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 1 साल में ED को 5 बार और फटकार लगाई
21 जुलाईः कानूनी सलाह देने वाले सीनियर वकीलों को ED के नोटिस पर कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया टिप्पणी- इस बात से हैरान है कि ED ने सीनियर वकीलों अरविंद दातर और प्रताप वेणुगोपाल को समन भेजा, जबकि उन्होंने सिर्फ कानूनी सलाह दी थी। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की बेंच ने पूछा –वकीलों और उनके क्लाइंट के बीच की बातचीत गोपनीय होती है। ऐसे में वकीलों को समन कैसे भेजा जा सकता है?




