भिलाई निगम डिसमेंटल करेगा सालों पुरानी पानी टंकियों को:नई टंकी बनने के बाद भी पुरानी से किया जा रहा पानी सप्लाई
By Dinesh chourasiya

भिलाई नगर निगम अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड कालोनी में 50 साल पुरानी जर्जर पानी टंकियों की जगह नई टंकियां तो बना दी गईं हैं, लेकिन अभी पानी सप्लाई पुरानी टंकियों से ही किया जा रहा है। जब इसकी शिकायत निगम आयुक्त से की गई, तो उन्होने यहां का दौरा किया। आयुक्त ने एनआईटी से स्टेबिलिटी टेस्ट के बाद सभी पुरानी टंकियों को तोड़ने के निर्देश दिए हैं।
नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के जोन 2 अंतर्गत स्थित हाउसिंग बोर्ड में लगभग 50 वर्ष पहले पानी सप्लाई के लिए पानी टंकी बनाई गई थी। अब पुरानी और जर्जर हो गई है। कुछ पानी टंकियों में तो पानी लीकेज की समस्या है। उनकी सीमेंट छोड़कर गिर रही और जंग लगी छड़ें दिख रही हैं।इसको देखते हुए नगर निगम भिलाई ने वहां पर नई पानी की टंकियां बनवाया है। नई टंकी बन जाने के बाद भी अभी पुरानी टंकियों से ही पानी सप्लाई की जा रही है। लोगों के कहने पर हर बार यही कहा जा रहा है कि नई टंकियां जल्द चालू हो जाएंगी।







एनआईटी से स्टेबिलिटी प्रतिवेदन के बाद होगी कार्रवाई
निगम आयुक्त राजीव पाण्डेय ने जोन आयुक्त येशा लहरे व इंजीनियर्स के साथ पुरानी टंकियों हालत को देखने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पार्षद पीयुष मिश्रा, नोहर वर्मा और प्रदीप सेन भी मौजूद रहे। आयुक्त ने कहा इन टंकियों से किसी प्रकार की दुर्घटना ना हो इसलिए इन्हें डिस्मेंटल किया जाएगा।
इनको तोड़ने से पहले नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी से स्टेबिलिटी प्रतिवेदन लिया जाएगा। पानी टंकी की वास्तविक स्थिति क्या है। उसकी मजबूती किस प्रकार की है, टंकिया उपयोग के लायक है या नहीं। इन सब के प्रतिवेदन आने के बाद उसे तोड़ा जाएगा।




हरी और लाल टंकी का मांगा गया प्रतिवेदन
जो आयुक्त येशा लहरे ने बताया कि पानी की टंकियों को तोड़ने से पहले वहां की सावधानियों को देखा जाएगा। उन्होंने बताया कि निगम ने यहां बनी पुरानी पीली पानी टंकी को पहले हटा दिया है। अब यहां हरी और लाल पानी टंकी बची हुई हैं। इनके डिसमेंटल के लिए एनआईटी से प्रतिवेदन मांगा गया है।
पुरानी टंकियों के नीचे बन गए गेराज
येशा लहरे ने आयुक्त को बताया कि पुरानी पानी टंकियों के नीचे लोगों ने अपने अपने गेराज बना लिए हैं। वो लोग वहां गाड़ियां पार्क कर रहे हैं। पहले निगम को इन्हें हटाने के लिए कार्रवाई करनी होगी, इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। निगम आयुक्त ने टंकियों के नीचे से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।




