भिलाई के खुर्सीपार में बिना किताबों और इंटरनेट के चल रही डिजिटल लाइब्रेरी 150 बच्चों का भविष्य अधर में, निगम आयुक्त से शिकायत
By Dinesh chourasiya
भिलाई खुर्सीपार में प्रतियोगी छात्रों की तैयारी और पढ़ाई के लिए 35 लाख रुपए की लागत से बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी अनदेखी का शिकार हो रही है। यहां ना तो सही से कंप्यूटर चल रह हैं ना किताबें और ना इंटरनेट के लिए रिचार्ज कराया जा रहा है।
इसको लेकर लाइब्रेरी में आने वाले छात्र-छात्राओं ने जोन आयुक्त और अन्य जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। छात्रों का कहना है कि, जिस समय डिजिटल लाइब्रेरी बन रही थी, उन्हें बोला गया था कि यहां इंटरनेट, किताब, कंप्यूटर, कूलर, पंखा, लाइट सभी की व्यवस्था दी जाएगी, लेकिन वर्तमान में हालत यह है कि कुछ भी सुविधा सही नहीं मिल पा रही है।








आप नेताओं के सामने अपनी समस्याएं रखी
उन्होंने बताया कि, उन लोगों ने इससे पहले 10 जुलाई 2024 को निगम और जोन आयुक्त से शिकायत कर खुर्सीपार डिजिटल लाइब्रेरी में सुविधाओं को उपलब्ध कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ना ही किसी राजनीतिक दल ने उनका साथ दिया। इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं के सामने अपनी समस्या रखी।
आप नेताओं ने मिलकर शुक्रवार को भिलाई नगर निगम के आयुक्त को आवेदन देकर सुविधा दिलाए जाने की मांग की। उन्होंने निगम आयुक्त गेट के सामने खड़े होकर प्रदर्शन भी किया। आप नेता मेहरबान सिंह और जसप्रीत सिंह का कहना है कि, वो इतना ही चाहते हैं कि बच्चों को सही से किताब, इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा मिल सके। जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में कोई परेशानी ना हो।




150 बच्चों का भविष्य अधर में
इस डिजिटल लाइब्रेरी में वर्तमान में 150 से अधिक बच्चों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। वो लोग हर दिन यहां सुबह और शाम को आते हैं और कई कई घंटे बैठकर किताबें और कंप्यूटर में मैटर निकालकर तैयारी कर रहे हैं। वर्तमान में कोई सुविधा ना होने से उन्हें तैयारी करने में परेशानी हो रही है।




