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भिलाई निगम में हंगामे के बीच 801 करोड़ 78 लाख का बजट पेश पार्षदों ने किया हंगामा निर्दलीय पार्षदों ने किया वॉकआउट

By Dinesh chourasiya

भिलाई नगर निगम का बजट पेश - Dainik Bhaskar

भिलाई नगर निगम में गुरुवार को मेयर नीरज पाल ने 801 करोड़ 78 लाख 45 हजार का बजट पेश किया। जिसमें से 619 करोड़ 55 लाख 47 हजार शहर के विकास में खर्च किए जाएंगे। इससे पहले, सभी पार्षदों से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव लिए गए थे।

इस बजट के दौरान सत्ता, विपक्ष और निर्दलीय पार्षदों ने गलत तरीके से विकास कार्यों की स्वीकृति को लेकर जमकर हंगामा किया। विपक्ष के पार्षद दया सिंह ने निगम कमिश्नर पर जमकर चुटकी ली, तो वहीं निर्दलीय पार्षद हरिओम तिवारी उनकी बात ना सुने जाने पर नाराज होकर सदन से वॉकआउट कर चले गए।

भिलाई निगम में बजट पेश करते महापौर नीरज पाल।

काफी हंगामेदार रही बजट

बजट अभिभाषण के बाद विशेष सभा में हंगामा शुरू हो गया। बजट बैठक काफी हंगामेदार रही। विपक्ष ने निगम सरकार को घेरा तो सत्ता पक्ष के पार्षद लक्ष्मीपति राजू सभी प्रस्ताव को पास करने के लिए सभापति पर दबाव बनाते रहे।

वार्ड-23 की पार्षद नेहा साहू ने आरोप लगाया कि, वार्ड-2 में 29 विकास कार्य स्वीकृति किए गए हैं। जबकि उनके वार्ड में विकास कार्य नहीं स्वीकृत हुए। इस पर वार्ड-2 के पार्षद ने नेहा साहू को अनुभवहीन बता दिया। इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ।

सत्ता और विपक्ष दोनों पार्षदों ने किया जमकर हंगामा

निगम कमिश्नर राजीव पाण्डेय पर चुटकी

उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने निगम कमिश्नर राजीव पाण्डेय पर जमकर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि, निगम कमिश्नर ने तीन महीने में इतना काम करा डाला जो पिछले तीन साल में नहीं हो पाया। अब वो काम करना ही बंद कर दिए हैं। सुबह उठते हैं और अखबार में उनके एक विजिट की फोटो आ जाती है। नए कमिश्नर के कार्यकाल में क्षेत्र का विकास हुआ हो या ना हुआ हो, लेकिन निगम के अधिकारियों का विकास पूरा हुआ है।

इस दौरान सदन में कुछ पार्षदों ने आरोप लगाया कि, विकास तो दूर उन्हें पार्षद मद भी पूरा नहीं मिल पा रहा है। जिससे की वो वार्ड के छोटे मोटे विकास कार्य करा सकें। उन्होंने कहा कि पार्षद को एक साल में 6 लाख रुपए विकास के लिए दिया जाता है, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद उन्हें मात्र 3 लाख रुपए ही जारी किया गया है।

सदन में निगम आयुक्त की जमकर ली गई चुटकी

जमकर नाराज हुए महापौर

बजट बैठक का सदन काफी हंगामेदार रहा। इसमें पार्षद एक दूसरे पर और महापौर पर इतना आरोप लगाने लगे की वो चुप होने का नाम ही नहीं ले रहे थे। कई पार्षद तो सभापति के करीब तक आ गए थे। जब हंगामे के चलते नीरज पाल अपनी बात नहीं रख पाए तो नाराज हो गए और बोलने ही मना कर दिया।

इसके बाद सभी पार्षदों को एक-एक कर अपनी बात रखने का निर्देश मिला। जिसके बाद नीरज पाल ने अपनी बात रखी।

निर्दलीय पार्षद ने किया सदन से वाक आउट

मॉडल टाउन इलाके के निर्दलीय पार्षद हरिओम तिवारी ने नाराज होकर सदन से ही वॉक आउट कर दिया और दोबारा नहीं आए। उन्होंने बताया कि, सदन में किसी का पक्ष सुना ही नहीं जाता है। सभी अपनी मर्जी चलाते हैं।

यह दुर्भाग्य की बात है कि, उनका एक साथी उनके बीच नहीं रहा और सदन इतना भी भूल जाता है कि, पहले उनको एक श्रृद्धांजलि दे। उसके बाद सदन की कार्रवाई को शुरू करे। जब इस मामले पर जमकर हंगामा हुआ। उसके बाद सदन की कार्रवाई बीच में रोककर दिवंगत पार्षद योगेश साहू को श्रृद्धांजलि दी गई।

पहली बार कुछ बोली वार्ड 22 की पार्षद

निगम के सदन में पहली बार वार्ड-22 की निर्दलीय पार्षद कुछ बोली और बोली भीं तो इतना आवेश में आ गईं की सदन के आगे सभापति के पास तक आ गई। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस शासनकाल में सभी वार्डों में सामान विकास हुआ है। इस पर कांग्रेस पार्षदों ने जमकर मेज थपथपाई। वहीं विपक्ष के पार्षदों ने ने चुटकी लेते हुए कहा एक सामान विकास हुआ है, लेकिन वार्ड 22 में फिर भी पार्षद विकास कार्य नहीं करा पाई।

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