CG में प्राइवेट स्कूलों में 5वीं-8वीं की परीक्षाएं अब सरकार नहीं लेगी:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन को राहत, छात्रों को दिया गया ऑप्शन
By Dinesh chourasiya
बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन और अन्य दो याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाओं से निजी स्कूलों को बाहर कर दिया है।
इसका मतलब यह है कि अब राज्य सरकार प्राइवेट स्कूलों में इन क्लासेस की परीक्षाएं नहीं लेगी। वहीं, यहां पढ़ने वाले छात्रों को ये ऑप्शन दिया गया है कि वे अगर चाहें तो शिक्षा विभाग की केंद्रीकृत परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले से छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन को राहत मिली है।








क्या था मामला?
दरअसल, राज्य सरकार ने आदेश दिया था कि 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं एक समान तरीके से सभी स्कूलों में आयोजित की जाएं, लेकिन प्राइवेट स्कूलों और पालक संघ ने इस पर आपत्ति जताई और कोर्ट में याचिका दायर की।
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि 3 दिसंबर 2024 को स्कूल शिक्षा सचिव ने ये आदेश जारी किया कि 5वीं और 8वीं के सभी छात्रों को केंद्रीकृत परीक्षाओं में शामिल होना पड़ेगा। जिसका प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने विरोध किया था।




एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि हमारी मांग थी कि केवल इस साल केंद्रीकृत परीक्षाओं से छूट दी जाए, क्योंकि वे उन किताबों से छात्रों को नहीं पढ़ा रहे हैं, जिनसे एग्जाम होने वाले हैं।
गुप्ता ने कहा कि हमारी मांग थी कि केवल इस साल केंद्रीकृत परीक्षाओं से छूट दी जाए। सोमवार को हुई अंतिम सुनवाई में कोर्ट ने परीक्षा को ऐच्छिक कर दिया और प्राइवेट स्कूलों को इससे बाहर कर दिया। अब जो छात्र खुद से परीक्षा देना चाहता है, वह इसमें शामिल हो सकता है।
प्राइवेट स्कूलों ने इस फैसले का विरोध क्यों किया?
- बीच सत्र में परीक्षा का पैटर्न बदलने से छात्रों को परेशानी होती।
- जो निजी स्कूल इस निर्णय में शामिल थे, उनसे शिक्षा विभाग ने कोई सलाह नहीं ली थी।
- स्कूल उन किताबों से छात्रों को नहीं पढ़ा रहे थे, जिनसे परीक्षा आयोजित की जानी थी।
हाईकोर्ट का फैसला
कोर्ट ने निजी स्कूलों के पक्ष में फैसला देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्राइवेट स्कूलों पर यह नियम लागू नहीं कर सकती। अब इन स्कूलों में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं अपने तरीके से कराई जाएंगी। वहीं, जो छात्र अपनी इच्छा से शामिल होना चाहता हैं, वो शिक्षा विभाग की ये परीक्षा दे सकता है।
इस फैसले का असर
- प्राइवेट स्कूल अब अपनी परीक्षाएं खुद आयोजित कर सकेंगे।
- सरकारी स्कूलों में 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
- छात्र अपनी मर्जी से केंद्रीकृत परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।





