दुर्ग में तिरगा ग्राम पंचायत के लोगों ने घेरा कलेक्ट्रेट:आरोप- रेडक्रॉस-स्काउड गाइड के बच्चों को सरपंच ने प्रलोभन देकर कराया मतदान, जांच की मांग
By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के तिरगा ग्राम पंचायत के लोगों ने सरपंच के चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया। करीब 200 से अधिक संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने तहसीलदार से जांच की मांग की।







दरअसल, तिरगा गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे, तो कोतवाली टीआई भी पुलिस टीम के साथ आ गए। उन्हें समझाने की कोशिश की। ग्रामीणों की मांग थी कि, वो कलेक्टर से अपनी बात रखना चाहते हैं। इसके बाद तहसीलदार हुलेश्वर नाथ खूंटे ने उनकी बात सुनी।
पूर्व जनपद पंचायत सदस्य भूपेंद्र बेलचंदन ने आरोप लगाया है कि, चुनाव ड्यूटी में लगे रेड क्रॉस और स्काउट गाइड के वॉलेंटियर को सरपंच प्रत्याशी ने पैसे देकर प्रलोभन दिया है। ऐसा कर उसने बच्चों के जरिए बुजुर्ग मतदाताओं से निर्धारित प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराया है। यह पूरी तरह से आचार संहिता का उल्लंघन है।

ग्रामीणों ने की जांच की मांग




ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि, सरपंच को जनता चुनती है, लेकिन तरगा ग्राम पंचायत में सरपंच का चुनाव गलत तरीके से हुआ है। इसलिए इस मामले की निर्धारित समय में निष्पक्ष जांच की जाए। जांच होने तक नए सरपंच को प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाए।
पंचों ने दी सामूहिक इस्तीफे की धमकी
ग्रामीणों के साथ विरोध प्रदर्शन में नव निर्वाचित पंच भी शामिल थे। उन्होंने तहसीलदार को चेतावनी दी कि, यदि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो सभी पंच सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इसकी जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।

बच्चे बोले- उनके सामने दिया गया प्रलोभन
9वीं की छात्रा स्काउट गाइड भूमिका देशमुख और छात्र राजकुमार ने बताया कि, उनके समेत बाकी बच्चों की ड्यूटी वॉलेंटियर के रूप में लगी थी। उनके सामने सरपंच घसियाराम ने स्काउट गाइड और रेड क्रॉस के बच्चों को पैसे दिए। 8 लोगों की ड्यूटी वहां लगी थी। जिसने पैसा नहीं लिया, उसकी ड्यूटी व्हील चेयर पकड़ने में लगा दी गई।
मतगणना स्थल का भी किया था घेराव
मतदान के दौरान गड़बड़ी के बाद भी ग्रामीणों ने मतगणना स्थल का घेराव किया था। काफी विरोध कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर शिकायत की थी, लेकिन उसके बाद भी जब मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो दो दिन बाद बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध करने कलेक्टोरेट पहुंच गए।




