
महाकुंभ एक्सीडेंट- बूढ़ी मां के सामने उठी बेटे की अर्थी:2 बच्चियों के सिर से उठा पिता का साया; शव लेने 15km जाने में लगे 6 घंटे
By Dinesh chourasiya
महाकुंभ जाते वक्त प्रयागराज में सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के 10 लोगों की मौत हो गई थी। प्रयागराज से एकसाथ जब उनकी लाशें कोरबा पहुंचीं, तो माहौल गमगीन हो गया। महिलाएं और युवतियां बिलख-बिलखकर रोने लगीं। बच्चों के भी आंसू छलक आए।
इस हादसे से कई महिलाओं की मांग का सिंदूर उजड़ गया तो कुछ की गोद सूनी हो गईं। वहीं, दो मासूम बच्चियों के सिर से पिता का साया छिन गया तो पति की मौत के बाद अब परिवार चलाने की चिंता सताने लगी है। परिजन शव लेने प्रयागराज गए तो पुलिस वाहन में भी 15 KM सफर करने में 6 घंटे लगे।







पढ़िए इस घटना से जुड़ी इनसाइड स्टोरी :-
- सबसे पहले गमगीन माहौल की तीन तस्वीर देखिए-




अब जानिए कैसे हुआ हादसा
14 फरवरी को दोपहर कोरबा के दर्री से लगे कलमीडुग्गु से अलग-अलग परिवार के 10 लोग प्रयागराज कुंभ मेला गंगा स्नान करने के लिए निकले थे। सभी बोलेरो में सवार थे। प्रयागराज में देर रात करीब 2 बजे उनकी बोलेरो को तीर्थ यात्री बस ने टक्कर मार दी, जिससे बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।




टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी लोग बोलेरो में फंसे रहे। प्रयागराज पुलिस ने घटना के बाद कटर से काटकर उन्हें बाहर निकाला, तब तक बोलेरो सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई थी। इस हादसे की सूचना पुलिस ने यहां परिजन को दी, जिसके बाद परिवार वाले शव लेने के लिए प्रयागराज रवाना हुए।
भीड़ इतनी की 30 KM तक लगा था जाम
मृतक संतोष सोनी के भतीजे राकेश सोनी ने बताया कि जब गाड़ी के एक्सीडेंट होने की जानकारी मिली, तब उन्होंने अपने चाचा को कॉल किया, पुलिसवालों ने फोन उठाया और हादसे की जानकारी दी। खबर सुनकर राकेश सहित अन्य लोग प्रयागराज रवाना हुए।
वहां जाने पर पता चला कि प्रयागराज से पहले 30 किलोमीटर तक जाम लगा था। इससे पहले ही कुछ मृतक के परिजन वहां पहुंच गए थे। उन्हें बताया गया कि प्रयागराज आने पर जाम में फंस जाएंगे। उन्हें पास के थाने में रहने के लिए कहा गया।
गंगा स्नान करने की इच्छा रह गई अधूरी
शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद किसी तरह पुलिसकर्मियों ने सभी 10 शवों को आउटर में लेकर आए, फिर परिजन 16 फरवरी को शव लेकर रवाना हुए। बोलेरो सवार सभी दस लोग प्रयागराज पहुंचने वाले थे। तभी हादसा हो गया। सभी श्रद्धालुओं की कुंभ मेले में गंगा स्नान की इच्छा अधूरी रह गई। वहीं, हादसे में उनकी मौत हो गई।
हादसे से बिखर गया परिवार
इस हादसे में ठेकेदार संतोष सोनी के बेटे सौरभ सोनी की मौत हो गई। वहीं, मोहल्ले के गंगा वर्मा और उनके बड़े बेटे पुष्पेंद्र उर्फ दीपक वर्मा के साथ ही ड्राइवर अजय बंजारे, ईश्वरी जायसवाल और उसका बहनोई भागीरथी जायसवाल, शिवा राजपूत, राजू साहू और सोमनाथ यादव की मौत हो गई। हादसे में इन सभी का परिवार बिखर गया है।
संतोष की पत्नी और छोटा बेटा घर में है। इसी तरह गंगा वर्मा की पत्नी और छोटा बेटा तेज बहादुर के साथ ही उसकी दादी मीरा बाई हैं। सभी कोरबा के सीएसईबी और बालको प्लांट में वर्कर थे। उनकी मौत के बाद अब पत्नी और बच्चों के सिर पर घर चलाने का बोझ आ गया है।
दो मासूम बच्चियों के सिर से उठा पिता का साया, पत्नी को परिवार चलाने की चिंता
कलमीडुग्गु में रहने वाला मृतक राजू साहू मूलत: मुंगेली जिले के पदमपुर का रहने वाला था। उसके घर में कमाने वाला और कोई नहीं है। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके तीन भाई हैं, जो अलग-अलग रहकर परिवार चलाते हैं।
पत्नी लक्ष्मीन साहू गृहणी हैं और दो मासूम बेटी शिवानी (11) और नव्या (4) के साथ वो रहती हैं। पति की मौत के बाद लक्ष्मीन साहू का रो-रोकर बुरा हाल है। वह सदमे में है। अब उसे अपने और बच्चियों की देखभाल की चिंता सताने लगी है।
बूढ़ी मां की आंखों के सामने बेटे की उठी अर्थी
गंगा वर्मा के घर में मातम का माहौल है। घर में उसकी बूढ़ी मां मीरा बाई के साथ ही उसकी पत्नी गंगाबाई और बेटा तेज बहादुर रहते हैं। इस हादसे के बाद दो दिन तक मोहल्ले वालों ने किसी से चर्चा इसलिए नहीं की। ताकि, परिवार की महिलाओं को कुछ पता न चले। रविवार को उनकी लाश आने की खबर आई, तब परिवार की महिलाओं को हादसे की खबर दी गई, जिसके बाद महिलाएं रात भर रोती बिलखती रहीं।
पार्षद ने दिखाई एकजुटता, सभी शवों की कराई अंत्येष्टि
मुंगेली जिले के पदमपुर में रहने वाले राजू साहू की मौत के बाद उसकी पत्नी शव को लेकर गांव जाने की तैयारी में थीं। उसने घटना की जानकारी अपने रिश्तेदारों को दी थी। जिसके बाद परिजनों ने गांव में अंत्येष्टि करने की तैयारी कर ली थी।
लेकिन, वार्ड पार्षद राधाबाई महंत ने उनके परिजनों को मनाया और उन्हें कोरबा बुला लिया। पार्षद ने यहां सभी 6 लाशों की एक साथ अंत्येष्टि कराने की व्यवस्था की। उनकी इस एकजुटता को लेकर मोहल्लेवासियों के साथ ही मृतक के परिजन भी तारीफ करते रहे।
मोहल्ले में मातम, लोगों की उमड़ी भीड़
इस हादसे के बाद कलमीडुग्गु में मातम का माहौल था। घटना की जानकारी मोहल्ले के लोगों को मिल गई थी। लेकिन, उन्होंने मृतक परिवार की महिलाओं को इस घटना की जानकारी नहीं दी थी। दो दिन तक केवल आपस में हादसे की चर्चा करते रहे।
सोमवार की सुबह जब सभी शव एक साथ मोहल्ले में पहुंचा, तब लोगों की भीड़ जुट गई। जिसके बाद परिजनों के साथ ही महिलाएं बिलख-बिलखकर रोती रहीं। दूर तक मोहल्ले में चीख-चीख कर रोने की आवाज सुनाई देती रही। उनकी अंत्येष्टि में भी मोहल्ले के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
सौरभ ने अपनी मां से कहा था, तुम्हारे लिए जल लेकर आऊंगा
इस हादसे से पहले सौरभ सोनी ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी। इस दौरान उसने अपने पिता संतोष सोनी से भी बात कराया। सौरभ ने अपनी मां से कहा था कि वो कुंभ स्नान करने के लिए नहीं जा पाई। इसलिए, वो प्रयागराज से गंगा जल लेकर आएगा और उसे नहलाएगा। लेकिन, उसे क्या पता था कि वो खुद हादसे का शिकार हो जाएगा और कभी वापस नहीं आएगा




