
महाकुंभ भगदड़ पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार:कहा- घटना दुर्भाग्यपूर्ण, हाईकोर्ट जाएं; याचिका में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन्स की मांग
By Dinesh chourasiya
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन्स जारी करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस दलील पर संज्ञान लिया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका पहले ही दायर की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 नवंबर को कुंभ में भगदड़ की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा।







दरअसल, कुंभ में भगदड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दाखिल की थी। इसमें देशभर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश देने और नियमों का पालन कराने की मांग की गई थी।
मौनी अमावस्या पर 28/29 जनवरी की रात करीब डेढ़ बजे संगम नोज पर भगदड़ मच गई थी। भीड़ ने लोगों को कुचल दिया था। सरकार के मुताबिक, 30 लोगों की मौत हुई और 60 घायल हो गए थे।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से ये मांग की थी




- श्रद्धालुओं की मदद के लिए महाकुंभ में विभिन्न भाषाओं में साइन बोर्ड लगाए जाएं।
- सभी राज्यों को अपने सुविधा केंद्र बनाना चाहिए, ताकि इमरजेंसी में राज्य अपने लोगों की मदद कर सके।
- इमरजेंसी में मदद के लिए तैयार रहें, सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में SMS और वॉट्सऐप के जरिए जानकारी दी जानी चाहिए।
- वीआईपी मूवमेंट से आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित न हो, उनके लिए कोई खतरा पैदा न हो।
- महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आने और बाहर निकलने के लिए कई रास्ते बनाए जाने चाहिए।
- भगदड़ घटना की रिपोर्ट पेश की जाए। लापरवाही बरतने वाले व्यक्तियों, अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
- कार्यक्रम स्थल पर डॉक्टरों और नर्सों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य राज्यों के बीच समन्वय की आवश्यकता है।
संगम तट पर रात डेढ़ बजे मची थी भगदड़ महाकुंभ में 28 जनवरी की देर रात करीब 1:30 बजे संगम नोज इलाके में भगदड़ हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 30 लोगों की मौत हुई है और 60 लोग घायल हैं। महाकुंभ नगर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) वैभव कृष्ण ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर मुख्य स्नान था। ब्रह्म मुहूर्त से पहले, देर रात एक से दो बजे के बीच, मेला क्षेत्र के अखाड़ा मार्ग पर भारी भीड़ जमा हो गई।
भीड़ के दबाव के कारण दूसरी ओर के बैरिकेड्स टूट गए। बैरिकेड्स तोड़कर दूसरी ओर पहुंचे लोगों ने ब्रह्म मुहूर्त के स्नान का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को कुचलना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद मेला प्रशासन ने तुरंत एक मार्ग बनाकर एम्बुलेंस की मदद से 90 लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जिनमें से 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई।




