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छत्तीसगढ़ के इस जिले में बवाल सर्वआदिवासी समाज ने शव लेने से किया इनकार थाने के सामने 4 घण्टे किया रोड जाम ; 2 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी एसपी को सस्पेंड सहित आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग जानिए क्या है पूरा मामला 

By Dinesh chourasiya

सरगुजा जिले में युवक की हत्या के विरोध में सर्वआदिवासी समाज ने शनिवार को प्रदर्शन किया। दरअसल, शुक्रवार को मैनपाट में पानी की टंकी की नींव से संदीप लकड़ा नाम के युवक की लाश मिली थी। संदीप को 3 महीने पहले कुछ लोगों ने मारकर वहां पानी टंकी बना दी थी।

पुलिस ने पानी टंकी को ढहाकर और जेसीबी से खुदाई कर 15 फीट नीचे शव बरामद किया गया है। अब पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। परिजन और समाज ने कड़ी कार्रवाई और SP को निलंबित करने समेत कई मांग रखी है। वहीं शव लेने से इनकार करने के बाद पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखा है।

साढ़े 4 घंटे बाद चक्काजाम खत्म

सर्व आदिवासी समाज ने थाने के सामने एनएच जाम कर प्रदर्शन किया। इसके पहले सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री के नाम सीतापुर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। राज्य अजजा आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भी सीतापुर पहुंचे और आदिवासी समुदाय के पदाधिकारियों से बात की।

वहीं 3 दिन में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम खत्म हुआ। साथ ही सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने बताया कि, जांच अधिकारी आर.सी. राय को सस्पेंड भी कर दिया गया है।

आरोपियों को फांसी देने समेत ज्ञापन में ये मांगे रखी गई

  • मृतक के परिवार को 2 करोड़ रुपए मुआवजा
  • मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी
  • फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई हो, सभी आरोपियों को फांसी दी जाए।
  • लापरवाही करने वाले एसपी, थानेदार सहित पुलिस जांच अधिकारियों को निलंबित किया जाए

सियासत और बयानबाजी का भी दौर

आदिवासी युवक की हत्या पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और सर्व आदिवासी समाज ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। भगत ने कहा कि, मुख्यमंत्री खुद आदिवासी समाज से आते हैं। वे सुनिश्चत करें कि क्या आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलेगा।

सीतापुर बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि, मामले में आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामला आदिवासी समाज से जुड़ा है। ठेकेदारों के ठेके के साथ ही संपत्तियों पर कार्रवाई होगी। शुक्रवार को शव मिलने के बाद से तनाव के चलते सीतापुर में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, उलकिया गांव में हाई स्कूल भवन का निर्माण ठेकेदार अभिषेक पांडेय और उसके साथी करा रहे हैं। 3 महीने पहले निर्माण स्थल से छड़, सीमेंट और निर्माण सामग्री चोरी हो गई। 7 जून को ठेकेदार और उसके साथी ​​संदीप को उठाकर गाड़ी में ले गए। इसके बाद से संदीप लकड़ा वापस नहीं लौटा। 16 जून को गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस संदीप पता लगाने में जुटी थी।

लापता होने से शव मिलने तक का घटनाक्रम

  • 07 जून- संदीप लकड़ा काम पर गया और नहीं लौटा
  • 08 जून- ठेकेदार ने संदीप और साथी पर छड़-मटेरियल चोरी की FIR कराई।
  • 14 जून- संदीप को ठेकेदार और साथियों द्वारा ले जाने की जानकारी परिजनों को मिली।
  • 16 जून- संदीप की पत्नी ने सीतापुर में गुमशुदगी दर्ज कराई।
  • 21 जुलाई- सर्व आदिवासी समाज ने थाने का घेराव किया। ठेकेदार और साथियों पर केस दर्ज।
  • 05 अगस्त- ठेकेदार के साथियों ने संदीप की हत्या करना स्वीकार किया।
  • 06 अगस्त- मैनपाट के लुरैना में पानी टंकी गिराकर नींव से बरामद किया गया शव।
हत्याकांड के आरोपी किए गए गिरफ्तार।

आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया गया। मोबाइल कुछ समय के लिए गुजरात, गोवा और फिर मुंबई में स्विच ऑन हुआ था। कॉल डिटेल में फोन से कोई बातचीत भी नहीं मिली। इसके बाद ठेकेदार के साथियों की लोकेशन भी ट्रेस की गई, तो दोनों लोकेशन एक जगह मैच हुई। इसके बाद पुलिस ने संदेहियों से सख्ती से पूछताछ की।

पुलिस के सामने आरोपियों से कबूला गुनाह।

50 किलोमीटर दूर गाड़ा शव

सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने मामले में नए सिरे से पड़ताल के निर्देश दिए। एएसपी अमोलक सिंह, सीएसपी रोहित शाह की टीम ने ठेकेदार के सहयोगियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने पूरा राज उगल दिया। आरोपियों ने बताया कि, कंस्ट्रक्शन साइट से हजारों रुपए का छड़ और बाकी समान चोरी होने पर उन्होंने संदीप को सोनतरई सीतापुर स्थित ऑफिस में लाकर लात-घूंसे और बेसबॉल बैट से मारा था।

गंभीर हालत में हाथ पांव बांधकर संदीप को आमाटोली सीतापुर स्थित गोदाम में ले जाकर बंद कर दिया गया था। 8 जून को आरोपी गोदाम पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने पिकअप में शव रखकर करीब 50 किलोमीटर दूर लुरैना में पानी टंकी का बेस बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में उसे दफन कर दिया। बाद में शव के ऊपर कॉन्क्रीट से बेस बना दिया।

4 आरोपी हिरासत में, दो फरार

गिरफ्तार आरोपियों में प्रत्युष पाण्डेय (21) निवासी पत्थलगांव, गुड्डु कुमार (22) निवासी गया बिहार, तुलेश्वर तिवारी उर्फ गुड्डू (24) निवासी खड़ादोरना सीतापुर और शैलशक्ति साहू (20) निवासी पत्थलगांव जिला जशपुर शामिल हैं।

मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय और उसका एक साथी फरार है। जिनकी तलाश की जा रही है। सर्व आदिवासी समाज दोनों आरोपियों के जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

 

पुलिस पर लग रहे लापरवाही के आरोप

मामले में सरगुजा पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। सीतापुर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तत्परता नहीं दिखाई। अपहरण और मारपीट का अपराध आंदोलन के बाद पुलिस ने दर्ज किया, जबकि इसकी शिकायत पहले की गई थी।

पुलिस ने संबंधित ठेकेदार और साथियों से ठीक से पूछताछ तक नहीं की थी। जांच अधिकारी पर भी ठेकेदारों के प्रति नरमी बरतने का आरोप है। लापता संदीप के साथियों के बयान को भी पुलिस ने हल्के में लिया।

सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मुख्य आरोपी के खाते से 4 करोड़ का ट्रांजेक्शन

मुख्य आरोपी अभिषेक पांडेय ने पिछले कुछ दिनों में अपने बैंक खाते से 4 करोड़ रुपए निकाले हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह रकम उसने कहां खर्च की। अभिषेक पांडेय सरगुजा सहित जशपुर में जल जीवन मिशन के तहत नल जल योजनाओं का काम कर रहा था। हाल ही में उसे बड़ी रकम का भुगतान पीएचई ने किया था।

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