
भारत बंद’ का छत्तीसगढ़ के कई जिलों में असर:कोंडागांव में बैरिकेड तोड़कर भीड़ कलेक्ट्रेट में घुसी; मुंगेली, गरियाबंद में थमे बसों के पहिए
By Dinesh chourasiya
सुप्रीम कोर्ट के SC आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने की इजाजत देने के खिलाफ बुधवार को दलित-आदिवासी संगठनों ने 14 घंटे का भारत बंद बुलाया। इसका छत्तीसगढ़ मिलाजुला असर देखने को मिला है। गरियाबंद, मुंगेली, कांकेर में जरूरी सेवाओं को छोड़कर बस, स्कूल, कॉलेज, बाजार बंद रहे।
कोंडागांव में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने जा रही भीड़ रोकने पर भड़क गई और बैरिकेड तोड़ते हुए कलेक्ट्रेट में घुस गई। इस दौरान काफी देर तक हंगामा चलता रहा। हालांकि पुलिस ने मामला संभाला और भीड़ को कलेक्ट्रेट से बाहर किया।







बस्तर में चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बंद को समर्थन दिया, लेकिन रायपुर में ऐसा नहीं होने पर संगठन के लोग भड़क गए। उन्होंने मूल निवासियों की भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया। कई जगह रैली निकाली गई और धरना-प्रदर्शन किया गया।
भारत बंद के दौरान छत्तीसगढ़ के दिनभर के अपडेट नीचे पढ़िए…
अपडेट्स
जशपुर में निकाली गई रैली, बंद का मिला-जुला असर




जशपुर शहर सहित जिले में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन फिर शाम को खोल दी गईं। बस और अन्य परिवहन सेवाएं चल रही हैं।
शहर के रणजीता स्टेडियम चौक पर आरक्षण को लेकर आदिवासी समाज ने धरना दिया। सभा का आयोजन के बाद रैली निकाली और आरक्षण के लिए नारे लगाए।
पेंड्रा में सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने लगाया जाम
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन देने जा रहे सर्व आदिवासी समाज की रैली को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सेमरा तिराहे के पास रोक लिया। इसके बाद सैकड़ों लोग सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते लंबा जाम लग गया है।
प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय जाने और ज्ञापन देने की जिद पर अड़े हैं। मौके पर SDM, तहसीलदार सहित भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद है।
कांकेर में पिकअप पलटने से 17 घायल, भारत बंद में शामिल होने जा रहे थे
कांकेर में भारत बंद के लिए रामपुर जुनवानी से जा रही ग्रामीणों से भरी पिकअप नरहरपुर में पलट गई। इसके चलते 17 लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को अमोड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से 4 लोगों की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घायल मरीजों ने चालक पर लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने का आरोप लगाया है।
रायपुर मेंं समर्थन नहीं मिलने से सर्व समाज नाराज
भारत बंद का रायपुर में आंशिक असर दिखाई दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की ओर से समर्थन नहीं मिलने पर सर्व समाज संगठन ने नाराजगी जताई है। संगठन के प्रदेश सचिव विनोद नागवंशी ने कहा कि, उन्होंने साबित कर दिया कि वे मूल निवासियों के साथ नहीं हैं।
GPM जिले में दलित संगठनों ने निकाली रैली
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बंद का कोई असर दिखाई नहीं दिया। सुबह से बस, स्कूल, कॉलेज, बाजार, दुकानें सब सुचारू रूप संचालित हो रहे हैं। हालांकि आदिवासी और दलित संगठनों ने नारेबाजी करते हुए विशाल रैली निकाली।उसे प्रशासन ने सेमरा तिराहे पर बैरिकेड लगा रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपा।
कोंडागांव में हजारों की भीड़े बैरिकेड तोड़कर कलेक्ट्रेट में घुसी
एससी आरक्षण में क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद के दौरान कोंडागांव में भी प्रदर्शन हो रहा है। इस दौरान कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रही हजारों की भीड़ को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे बैरिकेड तोड़कर कलेक्ट्रेट में घुस गए।
पुलिस का कहना है कि रायपुर नाका के पास बैरिकेडिंग की गई थी। यहीं पर ज्ञापन सौंपने को कहा गया, लेकिन भीड़ नहीं मानी और बैरिकेड तोड़ते हुए अंदर दाखिल हो गई।
- धमतरी जिले में एसटी एससी के आरक्षण के लिए प्रदर्शनकारियों ने सुबह से 5 टीमें बना कर शहर बंद कराया। गांधी मैदान से रैली निकाल कर दुकानों को बंद कराया गया, आरक्षण के लिए नारे लगाए गए, पुलिस की तगड़ी सुरक्षा रखी गई, शहर के गांधी मैदान में सभा की गई।
- आवश्यक सेवाओं को छोड़कर स्कूल, कॉलेजों को भी बंद कराया गया है। इस बंद को समाज से जुड़े शासकीय कर्मचारियों ने समर्थन दिया और एक दिन की अवकाश लेकर आंदोलन में शामिल हुए।




