छत्तीसगढ़

भिलाई विधायक के कार्यालय में बलौदा बाजार पुलिस ने चस्पा किया नोटिस:बलौदाबाजार हिंसा मामले में पूछताछ के लिए तीसरी बार नोटिस, 

By Dinesh chourasiya

विधायक कार्यालय में नोटिस चस्पा करती बलौदाबाजार पुलिस - Dainik Bhaskar

भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को बलौदाबाजार पुलिस ने तीसरी बार नोटिस भेजकर तलब किया है। देवेंद्र यादव दो बार नोटिस के जवाब में बयान देने नहीं पहुंचे तो तीसरी बार बलौदाबाजार पुलिस नोटिस चस्पा करने खुद उनके विधायक कार्यालय पहुंची। विधायक कार्यालय के बाहर ताला लगे होने से पुलिस ने देवेंद्र यादव के नाम के बोर्ड के ऊपर ही नोटिस को चस्पा किया और चली गई।

दरअसल, 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में हिंसा हुई थी। इसमें आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया, जिसमें एसपी ऑफिस सहित शासकीय संपति को काफी नुकसान हुआ था। इसी मामले में विधायक देवेंद्र यादव से पूछताछ की जानी है। बलौदाबाजार पुलिस इससे पहले भी 2 बार विधायक देवेंद्र यादव को पूछताछ के लिए नोटिस दे चुकी है, लेकिन वो नहीं पहुंचे।

18 जुलाई को तीसरी बार बुलाया थाने

अब उन्हें तीसरी बार नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिस में बलौदाबाजार पुलिस ने 18 जुलाई को सुबह 10 बजे विधायक देवेंद्र यादव को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया है। इससे पहले 8 जुलाई को बलौदाबाजार पुलिस ने देवेंद्र यादव को नोटिस जारी की थी।

बलौदाबाजार हिंसा मामले में पूछताछ

पुलिस का कहना है कि वो विधायक देवेंद्र यादव से बलौदाबाजार हिंसा मामले में पूछताछ करेगी। पुलिस के अनुसार बलौदाबाजार में जिस दिन हिंसा हुई थी, उस दिन देवेंद्र यादव भी उसी कार्यक्रम में मौजूद थे। लिहाजा पुलिस उनसे पूछताछ कर उनकी भूमिका जानना चाहती है।

विधायक देवेंद्र यादव ने दो महीने पहले ही करा लिया था फ्लाइट का टिकट

तीसरी बार भी नहीं जाएंगे विधायक देवेंद्र यादव

विधायक देवेंद्र यादव ने  बताया कि उन्हें नोटिस के बारे में जानकारी मिली है। वो इस बार भी वहां नहीं जा पाएंगे। उन्होंने बताया कि वो परिवारिक कारणों से 17 से 22 जुलाई तक बाहर हैं। उन्होंने इसके लिए 2 महीने पहले ही 13 मई 2024 को कोलकाता के लिए टिकट बुक की थी।

विधायक ने हाइकोर्ट में दायर की है याचिका

विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। न्यायालय जो भी इस पर आदेश देगा उसका वो पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार हिंसा में उनकी संलिप्तता को एक भी सबूत पुलिस दे दे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने जो फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट में अपलोड किया है, उसके अवाला पुलिस के पास एक भी फोटो नहीं है तो वो हिंसा में उनकी संलिप्तता को कैसे बता सकती है।

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