CM से झोला-छाप डॉक्टर की शिकायत:गलत इलाज से बेटा दिव्यांग हुआ, भारत माला प्रोजेक्ट में मुआवजा नहीं मिला, अफसरों से मुख्यमंत्री बोले- एक्शन लें
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज (4 जुलाई) रायपुर में दूसरी बार जन दर्शन कार्यक्रम में आम लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से उनकी समस्याओं से जुड़े आवेदन लिए और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अलग-अलग विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस दौरान सीएम साय ने मजदूर नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत मजदूरों के 13 मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रुपए के चेक बांटे। इस राशि में एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि और स्कूटी खरीदने के लिए एक लाख रुपए की राशि शामिल है। योजना के तहत रजिस्टर्ड श्रमिकों के 10वीं एवं 12वीं में टॉप-10 सूची में रहे बच्चों को ये राशि दी गई है।







भारतमाला प्रोजेक्ट में ली गई जमीन, 4 साल से मुआवजा नहीं
मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के हनोदा गांव के आनंद साहू भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि 4 साल पहले भारतमाला परियोजना में उनकी जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन इसका मुआवजा आज तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि अब सड़क बनने का काम भी शुरू हो चुका है।
इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आनंद साहू की जमीन का परीक्षण कर फौरन राहत दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मुआवजा प्रकरणों में जल्द कार्रवाई की जाए ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद साहू का आवेदन दुर्ग कलेक्टर को भेजा गया है।




झोलाछाप डॉक्टर की वजह से 7 साल का बच्चा हुआ दिव्यांग
तिल्दा नेवरा के तुलसी गांव के रहने वाले अनुज बंजारे अपनी पत्नी पूर्णिमा और बेटे दीपेश बंजारे के साथ पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि वह तिल्दा के सब्जी मंडी में हम्माल का काम करते हैं। 24 अगस्त 2023 को उनके बेटे का बायां हाथ खेलते हुए फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने स्थानीय चिकित्सक की क्लीनिक जाकर उसका इलाज करवाया।
डॉक्टर ने 1700 रुपए लेकर प्लास्टर किया। आराम ना मिलने पर बेटे को दूसरे अस्पताल ले गए, जहां पता चला कि प्लास्टर गलत तरीके से लगाया गया है, जिससे हाथ में मवाद और सूजन है। वहां से रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया। बेटे के इलाज के लिए एम्स रायपुर गए तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का हाथ कभी ठीक नहीं होगा। अब उसके बाएं हाथ ने काम करना बंद कर दिया है ।

डॉक्टर के खिलाफ FIR, कार्रवाई नहीं हुई
एम्स से लौटकर हम उसी डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने 3 महीने तक फीजियोथेरैपी करवाने को कहा। हमने फीजियोथेरैपी करवाई लेकिन हाथ में कोई सुधार नहीं हुआ। अब उस डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया है। डॉक्टर के खिलाफ FIR भी कराई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने को कहा है।
कॉन्स्टेबल के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने आरक्षक भरतलाल बरेठ के किडनी प्रत्यारोपण के लिए जरूरी भुगतान को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में आरक्षक ने मुख्यमंत्री को बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से तीन लाख पांच हजार रुपए का भुगतान आपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर को किया गया था।
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद एंटीबॉडी मेडिकेडेट रिएक्शन होने से दवाओं और प्रत्यारोपित किडनी की बायोस्पी की गई। इसमें कुल 7.59 लाख रुपए का खर्च आया है। भरत लाल बरेठ ने अपनी शारीरिक और आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से किडनी प्रत्यारोपण और इलाज पर खर्च बाकी राशि 4.55 लाख रुपए का भुगतान शासन की ओर से किए जाने का आग्रह किया।





