दुर्ग जिले के हर थाने से दो लोग बनेंगे साइबर एक्सपर्ट:आईजी ने ली रेंज स्तरीय बैठक, सायबर अपराधों की मांगी जानकारी
By Dinesh chourasiya
अब किसी भी थाने की पुलिस को अपराध निकाल के लिए साइबर टीम पर डिपेंड नहीं रहना होगा। संभाग के सभी थानों से एक से दो पुलिस अधिकारियों को साइबर की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे वो सामान्य तौर पर साइबर अपराध की जांच कर पाएंगे। बड़े मामलों में साइबर टीम या एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी।







दुर्ग रेंज में होने वाले सायबर अपराधों की रोकथाम और निकाल की समीक्षा के लिए दुर्ग आईजी राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने सभी अपराधों की निकाल के लिए जानकारी मांगी। इस दौरान अन्य राज्यो की पुलिस से साइबर संबंधी अपराधों की जानकारी पर आधारित पोर्टल जेसीसीटी पोर्टल के संबंध में जानकारी दी गई।

आईजी रामगोपाल गर्ग बैठक में पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से साइबर अपराधों की रोकथाम के के लिए मिले निर्देशों के बारे में बताया। बैठक में रेंज के जिलों के सायबर सेल प्रभारी और सिस्टम एडमिन की बैठक के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सभी डाटा, अपराधों की विवेचना, एफआईआर और सभी प्रकार की जांच कार्यवाहियों की समीक्षा भी की गई।




हर थाने से एक से दो अधिकारियों को मिलेगी साइबर की ट्रेनिंग
आईजी दुर्ग ने बताया कि गृह विभाग साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दे रहा है। साइबर एक्सपर्ट को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए भविष्य में रेंज के सभी थानों से कम से कम 1 से 2 अधिकारियों को साइबर की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। ऐसा होने से सभी थाना प्रभारी साइबर संबंधी मामले आने पर साइबर सेल पर डिपेंड ना होकर स्वतंत्र रूप से काम कर पाएंगे।
बैठक में ये अधिकारी रहे शामिल
आईजी दुर्ग के द्वारी ली गई ऑनलाइन बैठक में पुलिस अधीक्षक दुर्ग जितेंद्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक बालोद एसआर भगत, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा रामकृष्ण साहू सहित दुर्ग एएसपी सुखनंदन राठौर, ऋचा मिश्रा, डीएसपी हेम प्रकाश नायक, प्रशिक्षु आईपीएस चिराग जैन, बेमेतरा से ज्योति सिंह, बालोद से एएसपी अशोक जोशी, डीएसपी देवांस सिंह राठौर, दुर्ग रेंज कार्यालय से शिल्पा साहू और जिलों के साइबर सेल प्रभारी व सिस्टम एडमिन उपस्थित रहे।




