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राजस्थान के जेल में दोस्ती, रायपुर दुर्ग भिलाई में 10 लाख की चोरी गूगल मैप से खोजते थे टारगेट, कार के बोनट ने उगले लाखों के जेवरात दुर्ग पुलिस ने तीन आरोपियो को किया बेनकाब 

By Dinesh chourasiya

पुलिस ने चोरी मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। - Dainik Bhaskar

छत्तीसगढ़ के दुर्ग और रायपुर में 7 चोरियों को अंजाम देने वाले 3 चोरों को पुलिस ने पकड़ा है। ये तीनों चोर MP के भोपाल के हैं, जो राजस्थान जेल में दोस्ती की और साजिश रची। जेल से निकलते ही गूगल मैप से भिलाई पहुंचे, जहां 7 घरों से 10 लाख की चोरी की। पुलिस ट्रैकिंग से बचने वॉकीटॉकी और वाईफाई का उपयोग करते थे।

जानकारी के मुताबिक तीनों आरोपी 5 अप्रैल की शाम को छत्तीसगढ़ पहुंचे। रायपुर के प्रोफेसर कॉलोनी में रात 8 बजे सोना-चांदी और नकद की चोरी की। इसके बाद रात में हाईवे पर आराम किए। 6 मार्च को सुपेला पहुंचे, जहां गूगल मैप के सहारे 4 जगह चोरी की।

पुलिस ने आरोपियों के पास से कैश और अन्य सामान जब्त किया है।

3 दिन में 7 चोरियों को अंजाम दिया

पुलिस ने बताया कि 6 मार्च को ही शाम में सेक्टर-10 मकान में इसके बाद तालपुरी स्थित BSP कर्मी के घर चोरी की। इसके बाद 7 मार्च को पदमनाभपुर में रेकी कर रहे थे, तभी पुलिस से इनका सामना हुआ। भागते वक्त क्राइम टीम के आरक्षक को कार से कुचलने की कोशिश भी की। पुलिस ने आरोपियों को CCTV फुटेज के आधार पर पकड़ा है।

SP जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि 4 दिन पहले सुपेला में 4 घरों को निशाना बनाया। जिसमें 3 घरों में चोरी की, लेकिन चौथे घर में चोरी करने में सफल नहीं हो पाए। पुलिस ने दुर्ग के 5 मामलों का खुलासा किया है। जिसमें पुलिस ने एक स्विफ्ट डिजायर कार, सोने चांदी के जेवरात और कैश जब्त किया है।

कार की बोनट में छिपाकर रखे जेवरात।

सुपेला में CCTV फुटेज में दिखी कार

दरअसल, आरोपियों ने सुपेला में चार घरों को निशाना बनाया, लेकिन 3 में ही चोरी कर पाए। एक घर में उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। इस दौरान चोरी करते वक्त उनकी कार CCTV फुटेज में कैद हुई, जिसके बाद पुलिस ने उस कार की खोजबीन तेज की।

पदमनाभपुर में रेकी करते दिखे आरोपी, पुलिस को देखकर भागे

आरोपी तालपुरी इंटरनेशनल कॉलोनी ब्लॉक ए निवासी रिटायर्ड BSP कर्मी महेंद्र कुमार के घर में चोरी की। उसके बाद दुर्ग के पदमनाभपुर में रेकी कर रहे थे, तभी उनका पीछा कर रही पुलिस के कॉलोनी में पहुंचने की भनक आरोपियों को लग गई। वहां से भागने लगे, जिसका पीछा पुलिस ने किया। आरोपियों ने क्राइम टीम के आरक्षक चित्रसेन साहू को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की।

जेल में हुई दोस्ती, वहीं बनाया प्लान

डीएसपी हेम प्रकाश नायक ने बताया कि तीनों आरोपी अनूप सिंह, अमित सिंह और राकेश कुशवाहा हाल ही में जेल से छूटे हैं। तीनों राजस्थान के जेल में बंद थे। वहीं तीनों की दोस्ती हुई, फिर तीनों ने मिलकर छत्तीसगढ़ में चोरी का प्लान बनाया। पहले भिलाई में चोरी की फिर रायपुर में चोरी की घटना करने फिर भिलाई पहुंचे। बहुत कम समय में हाथ साफ कर देते थे आरोपी।

2015 में की पहली चोरी

DSP प्रकाश नायक की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने तीनों ही भोपाल के रहने वाले और पुराने दोस्त हैं। तीनों ने 2015 में पहले चोरी उज्जैन में की थी, फिर भोपाल, महाराष्ट्र, भीलवाड़ा (राजस्थान), फिर छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग में चोरी की घटना को अंजाम दिया। दुर्ग में ही फिर से रेकी करने के दौरान आरोपी पकड़े गए। इनके मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में कुल 30 से 35 घटना कर चुके हैं।

गूगल मैप से पहुंचे छत्तीसगढ़

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि भोपाल के आसपास चोरी करने के बाद स्टेट से बाहर निकले, जिसमें सबसे पहले गूगल में सर्च कर राजस्थान पहुंचे। वहां भीलवाड़ा जेल में रहे। फिर महीने भर पहले छूटने के बाद गूगल मैप में भिलाई को सर्च किया। मैप के माध्यम से भिलाई से दूर रायपुर में रुके। वहां प्रोफेसर कॉलोनी में चोरी की। फिर दूसरे दिन दुर्ग में घटना को अंजाम दिया।

मोबाइल में सिम नहीं था, ट्रेस करने में हुई दिक्कत

घटना करने वाले तीनों आरोपी ने मोबाइल जरूर रखा था, लेकिन उसमें सिम का इस्तेमाल नहीं किया। कार में एक वाई-फाई डोंगल लेकर चल रहे थे। डोंगल में सभी के मोबाइल कनेक्ट थे, जिसके चलते ACCU की टेक्नीकल टीम को उन्हें ट्रैक करने में दिक्कत हुई।

वॉकीटॉकी लेकर चल रहे थे आरोपी

तीनों आरोपी बहुत शातिर हैं, उनमें से एक आरोपी ड्राइवर का काम कर रहा था। तीनों वॉकी टॉकी में वायरलेस का उपयोग कर एक दूसरे से संपर्क में थे। घटना के दौरान एक आरोपी ड्राइवर सीट पर बैठा रहता था। घटना करने घर के अंदर गए दो अन्य आरोपियों से संपर्क में रहते थे। जैसे ही ड्राइवर को कोई खतरा महसूस होता था, वह तुरंत उन्हें वॉकी टॉकी में खबर कर देते थे, फिर तीन वहां से भाग खड़े होते थे।

क्राइम टीम को मिलेगा इनाम

एसपी जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि पूरी क्राइम टीम ने इसमें अच्छा काम किया है। जान जोखिम में डालकर पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आरक्षक चित्रसेन और पूरी ACCU टीम को इनाम के लिए प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय भेजा जाएगा।

24 लाख का था टारगेट

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इतने दिन चोरी के मामले में जेल में रहने के दौरान उनके परिवार का 24 लाख रुपए कर्जा हो गया था, जिसे टारगेट के तौर पर लेकर तीनों छत्तीसगढ़ आए थे। 24 लाख रुपए का टारगेट पूरा कर दूसरे स्टेट जाने वाले थे।

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