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छत्तीसगढ़ में न्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए टैक्स:एक अप्रैल से शराब की हर बोतल 120 रुपए महंगी होगी 20 से 40 रुपया हर पौव्वा महगा होगा

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ की नई साय सरकार द्वारा शराब पर 6 प्रतिशत तक लिया जाने वाला कोरोना, गोठान, लोक स्वास्थ्य-शिक्षा और उन्नयन का टैक्स 1 अप्रैल से हटाया जा रहा है। इन सभी टैक्स की जगह अब केवल अधोसंरचना विकास शुल्क के नाम से नया टैक्स लगाने की तैयारी है। ये इकलौता टैक्स 10 प्रतिशत होगा। टैक्स में वृद्धि होने से इससे शराब की बोतल 120 रुपए और पौव्वा 40 रुपए तक महंगा हो जाएगा। जबकि पहले बोतल में लगभग 50 रुपए टैक्स लगता था। अप्रैल से नया टैक्स लागू हो जाएगा। तब से शराब महंगी हो जाएगी।

आबकारी अधिकारियों ने बताया कि पिछली सरकार में आधा दर्जन टैक्स लिया जाता था। इसमें कुछ टैक्स को बंद किया जा रहा है। कुछ टैक्स का नाम बदला जा रहा है। कुछ नया टैक्स लगाने की तैयारी है। सरकार विकास में फोकस कर रही है। इसलिए विकास शुल्क लिया जा रहा है। नए टैक्स लागू होने पर बोतल में 80 रुपए, अद्धी में 40 रुपए और पौव्वा में 20 रुपए लिया जाएगा। विदेशी शराब की बोतल में 120 रुपए, अद्धी में 80 रुपए और पौव्वा में 40 रुपए लिया जाएगा। देशी और विदेशी दोनों शराब महंगी हो जाएगी।

जिलों में बढ़ाया गया शराब बिक्री का टारगेट
अधिकारियों ने बताया कि 2024-2025 के लिए हर जिलों में शराब बिक्री का टारगेट बढ़ाया जा रहा है। अभी जिस जिले में सालाना शराब से 2200 करोड़ तक राजस्व मिलता है, वहां अब 2300 करोड़ रुपए का टारगेट दिया गया है। इसी तरह सभी जिलों में टारगेट बढ़ाया जा रहा है। सभी जिला अधिकारियों को टारगेट तय कर दिया गया है। अप्रैल से नए सिस्टम में काम किया जाएगा।

अभी तक शराब पर ये टैक्स लिया जा रहा
पिछली सरकार में विशेष कोरोना शुल्क 10 प्रतिशत, शिक्षा स्वास्थ्य के लिए देशी शराब व बीयर पर 10 रुपए, विदेशी में 20 रुपए, गोठान टैक्स के नाम पर विदेशी शराब में 10 रुपए और देसी में 5 रुपए, ग्रामीण क्षेत्र के उन्नयन पर 10 रुपए और अतिरिक्ति शुल्क 9.5 प्रतिशत लिया जाता था। इसे अब बढ़ा दिया गया है। लगभग 10 प्रतिशत की टैक्स में वृद्धि की गई है। हालाकि पिछली सरकार ने कोरोना काल के तीन साल तक टैक्स में किसी तरह की वृद्धि नहीं की थी। कोरोना खत्म होने के बाद टैक्स बढ़ाया गया था।

पांच नए जिलों को वृत्ति अधिकार मिला
पांच नए जिले सक्ती, सारगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, मोहला-मानपुर और खैरागढ़ में नया सेटअप मंजूर किया गया है। इनके आबकारी अधिकारियों को वृत्ति अधिकार भी दिया है। अब जिलों के अधिकारियों को अधिकार होगा कि उनके जिले में कौन सी शराब बिकेगी और कौन सी नहीं। हालांकि सरकार ने इस बार एक दर्जन बड़ी कंपनियों से शराब सप्लाई का अनुबंध किया है। हर दुकान में ब्रांडेड शराब मिलेगी। पिछली सरकार की तरह ब्रांडेड शराब की कमी नहीं रहेगी। इस बार प्रीमियम दुकानों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार विचार किया जा रहा है।

इस साल 7 हजार करोड़ का टारगेट
राज्य में पिछले साल 6700 करोड़ का टारगेट दिया गया था। उस दौरान 8100 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। इस साल 9000 करोड़ का राजस्व तय किया गया है। इसी तरह 2021-2022 में 4500 करोड़ का टारगेट तय था, तब 4800 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। 2022-2023 में 5500 करोड़ टारगेट में 6000 करोड़ राजस्व मिला था। हर साल सरकार टारगेट बढ़ा रही है।

पुराना टैक्स हटाया जा रहा

पिछली सरकार जो टैक्स लगा रही थी। उसे हटा दिया गया है। उनकी जगह कुछ नए टैक्स शामिल किए जा रहे हैं। कीमत ​वृद्धि की जानकारी अप्रैल में ही मिल पाएगी। –पीएल साहू, उपायुक्त आबकारी विभाग

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