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बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस अरविंद चंदेल का पटना तबादला मनमुताबिक ट्रांसफर के आग्रह को सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराया, कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को भेजा प्रस्ताव

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद चंदेल का तबादला पटना हाईकोर्ट करने का प्रस्ताव है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने उनके मनमुताबिक ट्रांसफर करने के आग्रह को ठुकरा दिया है और मद्रास हाईकोर्ट के बजाय पटना भेजने के लिए सहमति दे दी है। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। केंद्र सरकार से आदेश जारी होने के बाद उन्हें रिलीव किया जाएगा।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में गठित 5 वरिष्ठ जजों की कॉलेजियम ने जस्टिस अरविंद चंदेल का तबादला करने के लिए उनसे सहमति मांगी थी। जिसके बाद चीफ जस्टिस चन्द्रचूर्ण, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने पहले मद्रास हाईकोर्ट तबादला करने का प्रस्ताव किया था।

जस्टिस अरविंद चंदेल 2017 में बार कोटे से बने थे हाईकोर्ट के जज।

कॉलेजियम ने ठुकराया जस्टिस अरविंद चंदेल का आग्रह

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल का तबादला करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के पहले कॉलेजियम ने जस्टिस चंदेल से सहमति मांगी थी, जिस पर उन्होंने मध्यप्रदेश, राजस्थान, इलाहाबाद, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली हाईकोर्ट में करने का आग्रह किया था। इसे कॉलेजियम ने ठुकरा दिया।

हालांकि, कॉलेजियम ने पहले उन्हें मद्रास हाईकोर्ट भेजने का प्रस्ताव तैयार किया था। उनके आग्रह के बाद कॉलेजियम ने विकल्पों पर ट्रांसफर करने के बजाय उनकी परेशानियों को देखते हुए थोड़ी राहत दी और मद्रास हाईकोर्ट की जगह पटना हाईकोर्ट ट्रांसफर करने का फैसला लिया है।

बेंच कोटे से बने हैं जज, 2017 में हुई थी नियुक्ति

जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल का जन्म 1 सितंबर 1963 को बिलासपुर में हुआ है। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से बीए करने के बाद गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री ली है। अविभाजित मध्य प्रदेश में इन्होंने सिविल जज क्लास 2 के रूप में 26 अगस्त 1987 को न्यायिक सेवा की शुरुआत की, जिसके बाद उनका प्रमोशन हुआ और वे कबीरधाम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने।

इसके बाद राज्य परिवहन ट्रिब्यूनल के साथ ही हाईकोर्ट में एडिशनल रजिस्ट्रार प्रशासनिक, रजिस्ट्रार विजिलेंस, रजिस्ट्रार जनरल जैसे पदों पर रहे। 27 जून 2017 को उन्हें हाईकोर्ट में अस्थायी जज बनाया गया। फिर दो साल बाद 2019 में हाईकोर्ट के स्थायी जज बने। उनके भाई अजय सिंह आईएएस अधिकारी और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव रह चुके हैं।

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