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बिना पायलट के ट्रेन दौड़ने का मामला.. चाय पीने उतरे थे लोको पायलट, मामले में 6 सस्पेंड.. हुआ ये बड़ा खुलासा

By Dinesh chourasiya

 

जम्मू: कठुआ में दो दिन पहले एक मालगाड़ी बिना लोको पायलट के ही करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ने लगी थी। इस मामले में रेलवे ने जांच के आदेश दिए थे तो वही अब इस जाँच से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट सामने आई हैं, जो चौंकाने वाली है।

रेलवे से जुड़ी जानकारियां शेयर करने वाले एक यूट्यूब चैनल नॉलेज नॉर में जो दावा किया गया हैं वह बेहद हैरान करने वाले हैं। उन्होंने बताया हैं कि यह पूरी घटना लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के लापरवाही से सामने आई थी। लोको पायलट बिना मैनुअल ब्रेक लगाए ही कठुआ स्टेशन के पास मालगाड़ी को लूप लाइन में सिग्नल नहीं मिलने पर चाय पीने उतरे थे। करीब आधे घंटे बाद रेलवे का ब्रेक खुद ही रिलीज हो गया नतीजतन ट्रेन पीछे की तरफ लुढ़कने लगी। लोको पायलट जब तक कोई एक्शन ले पाते ट्रेन की गति बढ़ चुकी थी। इस मालगाड़ी में कुल 53 डिब्बे थे जिनपर गिट्टी लदी हुई थी। इसके दोनों छोर में इंजन लगे हुए थे।

 

नॉलेज नॉर के मुताबिक़ इस मामले में लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टर समेत कुल 6 रेलवे कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया हैं। मामले की गहराई से जाँच करते हुए भविष्य में इस ना दोहरा जाये यह सुनिश्चित किया जा रहा हैं।

गौरतलब हैं कि इस मालगाड़ी को कठुआ से करीब 90 किलोमीटर दूर ऊँची बस्ती में रोक लिया गया था। यहाँ का रेलवे ट्रेक ऊंचाई पर हैं इसलिए ट्रेन का इंजन खुद ही धीमा हो गया। जिसके बाद मालगाड़ी के डिब्बों में मैनुअल ब्रेक लगाया गया। बताया गया कि ट्रेन से उतरने के बाद लोको पायलट को प्रोटोकॉल के मुताबिक़ मालगाड़ी के सामने के 6 और पीछे की 6 डिब्बों में मैनुअल ब्रेक लगाना होता है। लेकिन दोनों लोको पायलट ने इन नियमों की अनदेखी की थी नतीजनत एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। दोनों को फिलाहल रेलवे ने निलंबित कर दिया हैं।

 

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