
भिलाई के रिसाली में महतारी वंदन योजना..20 रुपए लेकर मैरिज सर्टिफिकेट पर साइन करना महिला पार्षद का को पड़ा भारी MIC सदस्यता महापौर ने की समाप्त
By Dinesh chourasiya
भिलाई में महतारी वंदन योजना फॉर्म में साइन करने के लिए 20 रुपए की रिश्वत लेने वाली कांग्रेस पार्षद ईश्वरी साहू की एमआईसी सदस्यता रद्द कर दी गई है। रिसाली मेयर शशि सिन्हा ने पार्षद की महापौर परिषद की सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
महिला बाल विकास विभाग और आजीविका मिशन प्रभारी ईश्वरी साहू का कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिसमें में वो मैरिज सर्टिफिकेट में साइन करने के लिए 20-20 रुपए लेते हुए दिख रही है। वीडियो में वो ये स्वीकार भी कर रही है कि पूरा दिन बैठकर काम करती हैं तो 20 रुपए लेना कोई गलत नहीं है।







वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा पार्षदों ने इस मुद्दे को आड़े हाथों लिया था। निगम के भाजपा पार्षद धर्मेंद्र भगत ने मामले की शिकायत दुर्ग संभागायुक्त कार्यालय में की। शिकायत में उन्होंने वार्ड-15 की कांग्रेस पार्षद और एमआईसी मेंबर ईश्वरी साहू के खिलाफ निगम अधिनियम 1956 की धारा 19 (अ) के तहत बर्खास्तगी की मांग की थी।
पार्टी की किरकिरी के बाद रविवार शाम आदेश जारी
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस की जमकर किरकिरी हो रही थी। इसे देखते हुए महापौर ने अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए रविवार देर शाम ईश्वरी साहू की एमआईसी सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया।




ईश्वरी साहू वार्ड 15 मौहरी मरोदा से पार्षद चुनाव जीती थीं। महापौर शशि सिन्हा ने उन्हें शहर सरकार में शामिल कर महापौर परिषद में शामिल किया था। विपक्ष के पार्षदों ने लेन-देन की शिकायत को लेकर महापौर को ज्ञापन सौंपकर ईश्वरी साहू को हटाने की मांग की थी।
योजना पूरी तरह निशुल्क
पैसे लिए जाने की बात पर जब भिलाई नगर निगम के आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव से बात की, तो उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है। ये पूरी तरह से निशुल्क है। इसका आवेदन हर महिला को करना है।
आवेदन करने के लिए फॉर्म और प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क है। किसी को एक रुपए भी नहीं देना है। यदि कोई पैसों की मांग करता है, तो उसकी शिकायत जोन आयुक्त से की जा सकती है।




