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रायपुर रेलवे स्टेशन पार्किंग में पिक एण्ड ड्राप सिस्टम 7 मिनट की फ्री पार्किंग की पर्ची दी तो किसी ने मंत्री तो किसी ने विधायक की दी धौंस, ठेका कर्मी भी अड़े

By Dinesh chourasiya

रेलवे स्टेशन पर गुरुवार से 7 मिनट का फ्री पिक एण्ड ड्राप सिस्टम शुरू होने के साथ ही ठेका कर्मियों और लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया। स्टेशन में गेट नंबर-2 से ही कार और दुपहिया को प्रवेश दिया गया। बाहर निकलने की अनुमति गेट नंबर-2 से ही दी गई। पिक एंड ड्राप का 7 मिनट का टाइम जांचने प्रवेश और निकलने वाले गेट पर रस्सी बांधकर अस्थायी गेट बनाया गया।

लोगों को जैसे ही यहां टाइमिंग की पर्ची देने से रोका गया, विवाद शुरू हो गया। किसी ने ठेका कर्मियों से कहा- मैं मंत्री का आदमी हूं। किसी ने कहा- मैं विधायक का करीबी हूं। किसी ने कहा मैं क्यों पर्ची लूंगा साहब के काम से आया हूं। ज्यादातर लोगों को नए सिस्टम की जानकारी नहीं थी। इस वजह से दिनभर विवाद होता रहा।

लेकिन ठेकेदार के कर्मचारी भी अडिग थे। इससे लोगों को पर्ची लेनी ही पड़ी। नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर जब कर्मचारियों ने जुर्माना वसूलना शुरू किया तब विवाद ज्यादा बढ़ा। ठेका एजेंसी ने गेट नंबर-2 से प्रवेश और गेट नंबर-1 को बाहर निकलने का सिस्टम बनाया है, लेकिन जानकारी न होने के कारण हमेशा की तरह जिन्हें जिस गेट से स्टेशन परिसर में एंट्री करने की सहूलियत हो रही थी वे उसी गेट से भीतर जा रहे थे। ठेका स्टाफ रस्सी का नाका बनाकर उन्हें रोक रहा था। इससे लोग नाराज हो रहे थे।

अभी इस सिस्टम का ज्यादा प्रचार प्रसार भी नहीं किया गया है। इस वजह से यात्रियों को पिक एंड ड्राप के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्हें रोककर कर्मचारी हाथ से पर्ची काटकर दे रहे। पर्ची पर टाइम दर्ज था। इसी दौरान किसी ने मंत्री का करीबी होने की धौंस दी तो किसी ने अफसर के काम से आने की बात कहकर पर्ची कटवाने से इनकार किया।

नो- पार्किंग का 100 रु. जुर्माना किया तो कहा- सेना से ज्यादा कड़े नियम

दोपहर करीब 2 बजे। एक यात्री अपनी गाड़ी नो पार्किंग में खड़ी कर रिश्तेदार को छोड़ने स्टेशन के भीतर अंदर चले गए। इस दौरान ठेका एजेंसी के कर्मचारियों ने उनकी गाड़ी लाॅक कर दी। जब वे लौटकर आए तो देखा गाड़ी लॉक है। कुछ देर बाद ठेका एजेंसी का स्टाफ उनके पास पहुंचा और उसने 100 रुपए जुर्माना मांगा। वे उससे भिड़ गए। काफी देर तक उन्होंने नियम कायदे के बारे में जानकारी ली। फिर गुस्से में कहा पार्किंग का नियम तो सेना के नियमों से भी कड़ा है। फिर भी 50 रुपए देना पड़ा।

350 कारें 7 मिनट में ड्राप करके निकल गईं, नहीं लगा चार्ज

नई व्यवस्था के पहले दिन करीब 500 कारे स्टेशन में आईं। स्टेशन में प्रवेश करने के दौरान ठेका एजेंसी द्वारा उन्हें रसीद दी गई। रसीद में समय भी लिखा था। इन 500 गाड़ियों में लगभग तीन सौ पचास कारें फ्री पार्किंग के लिए तय 7 मिनट के पहले स्टेशन से बाहर निकल गईं। उन्हें कोई शुल्क नहीं देना पड़ा। बाकी 150 कार को पार्किंग शुल्क देना पड़ा। ठीक इसी तरह करीब 1100 मोटर साइकिल आईं थी। इसमें 700 मोटर साइकिल अपने निर्धारित समय में बाहर निकल गईं।

रायपुर में पहली बार पिक एंड ड्राप की सुविधा शुरू हुई है। पहले दिन लोगों को थोड़ी दिक्कत हुई होगी लेकिन धीरे-धीरे आदत पड़ जाएगी। इससे पिक एंड ड्राप करने वाले यात्रियों को अब 7 मिनट तक कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

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