
दुर्ग में परिजनों ने जिस बेटी को मरा हुआ समझा, अंतिम संस्कार भी कर दिया पता चला वह जिंदा है, पुलिस को सड़क पर मिली
By Dinesh chourasiya

- पुलिस ने मां-बेटी को मिलाया . 3 साल बाद बेटी को देखकर फूट-फूट कर रोई मां, सखी सेंटर ने बेटी को परिजनों को सौंपा
दुर्ग में एक अनोखा मामला प्रकाश में आया है। परिजन अपनी बेटी को मरा हुआ समझ रहे थे, परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था। बाद में चला कि बेटी जिंदा है। अपनी बेटी के जिंदा होने की खबर पुलिस से मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ, लेकिन जब तस्वीर देखी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
परिजन दुर्ग सखी सेंटर पहुंचे अपनी बेटी को जिंदा देख कर मां फूट-फूटकर रोने लगी। दो घंटे तक रोने के बाद जब सखी सेंटर की प्रभारी ने पूछा तब मां ने बताया कि वे समझ रहे थे कि उनकी बेटी मर चुकी है। 23 साल की युवती तखतपुर बिलासपुर की रहने वाली है। 3 साल पहले वह घर से मंदिर जाने के नाम पर निकली थी। बताया जाता है कि वह मानसिक रूप से परेशान थी। नंदिनी पुलिस को दो दिन पहले युवती सड़क पर दौड़ते मिली। इसके बाद उसे सखी-सेंटर पहुंचाया गया। इसके बाद युवती के बारे में पतासाजी की गई।














