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दुर्ग में क्राइम कंट्रोल के लिए कार्ययोजना:अपराध पर सख्ती, लंबित मामलों पर फोकस, SSP बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  सभी थाना प्रभारियों को प्रतिदिन निर्धारित समय पर थाने में उपस्थित रहकर आम जनता की शिकायतें सुननी और उनका समयबद्ध निराकरण करना होगा

By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने व्यापक कार्ययोजना बनाई। भिलाई के पुलिस कंट्रोल रूम में एसएसपी विजय अग्रवाल ने सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें स्पष्ट संदेश दिया गया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

बैठक में अपराध नियंत्रण, जांच की गुणवत्ता और प्रशासनिक अनुशासन पर विस्तार से चर्चा हुई। लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए ठोस रणनीति बनाई गई। वर्ष 2024 से पहले के लंबित अपराध, चालान, मर्ग और शिकायतों को प्राथमिकता पर समाप्त करने के निर्देश दिए गए।

थानों में अनावश्यक बोझ कम करने और रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के लिए लावारिस और जब्त संपत्तियों का शीघ्र निराकरण करने पर जोर दिया गया। सभी गंभीर अपराधों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और विवेचना शुरू करने के निर्देश दिए गए।

सूचना को नजरअंदाज न करने और वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर जानकारी देने पर जोर रखा गया। बाहरी टीम भेजने की आवश्यकता होने पर बिना देरी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

नशे और अवैध गतिविधियों पर अंकुश

जिले में बढ़ते नशे और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करनी होगी। जुआ-सट्टा मामलों में विशेष टीम गठित कर स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी होगी।

त्योहारों के दौरान हाई अलर्ट

आगामी ईद और नवरात्रि पर्व को देखते हुए पुलिस को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील मामलों में अतिरिक्त निगरानी और शांति समिति के पुनर्गठन पर जोर रखा गया। थाना स्तर पर विशेष ड्यूटी लगाकर माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखना अनिवार्य होगा।

तकनीक का प्रभावी उपयोग

NAFIS, ई-चालान, ई-सम्मन और ई-ऑफिस जैसी डिजिटल प्रणालियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने और कार्यों में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया गया। साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में नेट ग्रिड जैसे संसाधनों का उपयोग कर त्वरित कार्रवाई करनी होगी।

जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई

सभी थाना प्रभारियों को प्रतिदिन निर्धारित समय पर थाने में उपस्थित रहकर आम जनता की शिकायतें सुननी और उनका समयबद्ध निराकरण करना होगा। लंबित आवेदनों का स्थानीय स्तर पर निपटान करने से पुलिस पर जनता का विश्वास मजबूत होगा।

अनुशासन और निगरानी

बीट और सब-बीट सिस्टम को मजबूत करना, समंस और वारंट की शत-प्रतिशत तामिली सुनिश्चित करना और थाना स्तर पर गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा। थाना प्रभारियों को मुख्यालय में रात्रि विश्राम और भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर निगरानी रखना होगा।

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